NANDANAGAR CLOUDBURST: उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर घाट क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद तबाही मचा गई थी। दूसरे दिन यानी आज भी रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें घटनास्थल पर डटी हुई हैं। अब तक मलबे से तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो महिलाओं और एक बच्चे को गंभीर चोटों के बावजूद सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

NANDANAGAR CLOUDBURST: कुल 10 लोग लापता
राहत की बात यह रही कि धुर्मा क्षेत्र से कुंवर सिंह नामक ग्रामीण को करीब 16 घंटे बाद जिंदा मलबे से बाहर निकाला गया। इस खबर ने पूरे इलाके में कुछ हद तक राहत की सांस दी। बता दें कि कुंतरी लंगा फली, कुंतरी लंगा सरपानी और धुर्मा वार्डों में तेज बारिश और भारी मलबा बहने से छह से अधिक मकान पूरी तरह ढह गए। खेत और पशुशालाएं भी मलबे में समा गईं। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र ने बताया कि इस आपदा में कुल 10 लोग लापता हो गए हैं, जिनमें से आठ कुंतरी क्षेत्र और दो धुर्मा से हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से घायलों को तुरंत बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और गंभीर रूप से घायल लोगों को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेजने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और सभी लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना की। जिला प्रशासन प्रभावित गांवों में राहत सामग्री वितरित करने और सड़कों को खोलने में जुटा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नंदानगर क्षेत्र पहले से ही भूस्खलन और अस्थिर भूमि की वजह से संवेदनशील है। अगस्त महीने में भी यहां भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई थीं।

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