VICE PRESIDENT ELECTION 2025: भारत के 17वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद भवन में सोमवार सुबह मतदान शुरू हो गया। वोटिंग सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, जबकि मतगणना शाम 6 बजे से शुरू होगी और नतीजे उसी दिन घोषित किए जाने की संभावना है। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों से दिए गए इस्तीफे के बाद हो रहा है। धनखड़ का कार्यकाल मूल रूप से 2027 तक था।

मतदान संसद भवन के वसुधा हॉल (कमरा नंबर F-101) में हो रहा है। यहां लोकसभा और राज्यसभा के कुल 781 सदस्य (788 निर्वाचक मंडल में से कुछ सीटें रिक्त) गुप्त मतदान के माध्यम से वोट डाल रहे हैं। प्रत्येक वोट का मूल्य एक है और यह अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली यानी सिंगल ट्रांसफरेबल वोट पर आधारित है। जीत के लिए न्यूनतम 392 वोटों की आवश्यकता होगी। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक किसी भी पार्टी को व्हिप जारी करने की अनुमति नहीं है, जिससे सांसद स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकते हैं।
VICE PRESIDENT ELECTION 2025: उम्मीदवारों का परिचय
एनडीए ने अपने उम्मीदवार के रूप में 68 वर्षीय सी.पी. राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है। वे वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और तमिलनाडु से बीजेपी के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वे कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं और तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने पार्टी को मजबूत आधार दिया। एनडीए उन्हें संविधान का संरक्षक मानते हुए पेश कर रहा है।

वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन ने 79 वर्षीय जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। वे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं और 2013 से 2018 तक सेवा दे चुके हैं। इसके अलावा वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और गोवा के लोकायुक्त भी रह चुके हैं। विपक्ष उन्हें संविधान के रक्षक और न्यायपालिका के सम्मानित चेहरे के रूप में पेश कर रहा है। रेड्डी ने मतदान से पहले सांसदों से अपील की कि वे “भारत की आत्मा” के लिए वोट करें और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर निर्णय लें।

नंबर गेम में एनडीए का पलड़ा भारी
संसदीय आंकड़ों के हिसाब से एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 130 सदस्यों का समर्थन है, जो कुल 423 वोट होते हैं। इसमें 12 मनोनीत राज्यसभा सदस्य भी शामिल हैं। इसके अलावा वाईएसआरसीपी जैसे दलों के समर्थन से यह संख्या 436 से 445 तक पहुंच सकती है। वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास लगभग 315 से 324 वोट होने का अनुमान है। हालांकि बीजू जनता दल (BJD) के 7, भारत राष्ट्र समिति (BRS) के 4 और शिरोमनी अकाली दल (SAD) के सदस्यों ने वोटिंग से किनारा कर लिया है।

बीजेडी ने राष्ट्रीय स्तर पर दोनों गठबंधनों से दूरी बनाए रखने का फैसला किया, जबकि बीआरएस ने तेलंगाना में यूरिया की कमी को लेकर बहिष्कार किया और शिरोमनी अकाली दल ने पंजाब बाढ़ प्रभावित इलाकों की अनदेखी का हवाला दिया। विपक्ष भले ही इसे वैचारिक लड़ाई बता रहा हो, लेकिन एनडीए की संख्या को देखते हुए राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
प्रमुख घटनाक्रम और वोटिंग प्रक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह करीब 10 बजे संसद भवन पहुंचकर सबसे पहला वोट डाला। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे मतपत्र पर वोट डालते नजर आए। वोट डालने के बाद पीएम मोदी पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर रवाना हो गए। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, विपक्षी नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य सांसद भी मतदान में भाग लेते दिखे।

इंडिया गठबंधन ने वोटिंग से पहले सोमवार को संसद परिसर में बैठक की, जिसमें सांसदों को मतदान प्रक्रिया समझाई गई और मॉक पोल कराया गया। मतदान प्रक्रिया के तहत सांसदों को प्राथमिकता क्रम (पहली, दूसरी आदि) अंकित करना होता है। पहली प्राथमिकता अनिवार्य है, जबकि अन्य वैकल्पिक रहती हैं। यदि कोई उम्मीदवार सीधे बहुमत हासिल नहीं कर पाता है, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को हटाकर उनके वोट अगली प्राथमिकता के अनुसार अन्य उम्मीदवारों को हस्तांतरित किए जाते हैं।

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