AHMEDABAD PLANE CRASH: 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भर रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान मेघानी नगर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर जा गिरा। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से केवल एक व्यक्ति, विश्वास कुमार रमेश, जीवित बचा। हादसे में जमीन पर मौजूद 28 अन्य लोगों की भी जान गई, जिससे कुल मृतकों की संख्या 270 हो गई।

AHMEDABAD PLANE CRASH की जांच जारी
घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है। 11 जुलाई को जारी 15 पेज की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण खुलासे सामने आए हैं, जिनमें तकनीकी गड़बड़ियों के साथ-साथ पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति को भी प्रमुख कारण माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बाधित हो गई क्योंकि फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से अचानक ‘CUTOFF’ मोड में चले गए। इससे विमान ने थ्रस्ट खो दिया और अनियंत्रित होकर नीचे आ गिरा। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज संवाद से पता चला है कि दुर्घटना के क्षणों में पायलट एक-दूसरे से सवाल कर रहे थे कि फ्यूल स्विच क्यों बंद किया गया।

AAIB को दुर्घटना के दो ब्लैक बॉक्स डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर क्रमशः 13 और 16 जून को मिले। इनका विश्लेषण 24 जून से शुरू हुआ और 25 जून को डेटा सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया। इससे यह पुष्टि हुई कि विमान के थ्रस्ट लीवर उस समय फॉरवर्ड स्थिति में थे, यानी उड़ान के लिए तैयार थे, लेकिन फ्यूल सप्लाई बंद हो चुकी थी। जांच में यह भी सामने आया कि टेकऑफ के समय विमान की फ्लैप सेटिंग (5 डिग्री) और लैंडिंग गियर की स्थिति सामान्य थी। प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार किसी तरह की साजिश, तोड़फोड़ या आतंकी गतिविधि के कोई संकेत नहीं मिले हैं।

भारतीय पायलट एसोसिएशन ने जांच प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई
हालांकि, AAIB ने 2018 में अमेरिकी फेडरल एविएशन अथॉरिटी द्वारा जारी की गई उस चेतावनी का हवाला दिया है, जिसमें इसी प्रकार की तकनीकी चूक की संभावना पर ध्यान दिलाया गया था। इस बीच, भारतीय पायलट एसोसिएशन ने जांच प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि जांच गोपनीयता का उल्लंघन करते हुए की जा रही है और शुरू से ही पायलटों को दोषी मान लिया गया है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वॉल स्ट्रीट जर्नल में 10 जुलाई को प्रकाशित लेख में जांच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कैसे लीक हुई। जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने विमान निर्माता बोइंग और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के विशेषज्ञों को जांच में शामिल किया है। ICAO के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत भारत, जिसे ‘राज्य घटना स्थल’ माना गया है, जांच का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन अमेरिका जैसे देश, जो विमान निर्माण में शामिल थे, उन्हें भी इसमें भाग लेने का अधिकार है।

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