CM DHAMI: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शासकीय आवास से सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को 2047 तक साकार करने के लिए तेजी से कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर से जनपद स्तर तक विकसित उत्तराखण्ड का स्वरूप कैसा होगा, इस पर योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचकर उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ें और मुख्यधारा में शामिल करने के प्रयास तेज करें।
CM DHAMI ने पांच- पांच बेस्ट प्रैक्टिस और नवाचारों पर काम करने को कहा
साथ ही CM DHAMI ने हर जिले में जनहित से जुड़ी पांच- पांच बेस्ट प्रैक्टिस और नवाचारों पर काम करने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के वे तीन जिले जो सबसे पहले टीबी मुक्त होंगे, उन्हें सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगामी पांच जून से पच्चीस जुलाई तक सभी जिलों में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को विशेष रूप से बढ़ावा देने की बात कही। जलस्रोतों के संरक्षण और अमृत सरोवरों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए।

दिए ये खास निर्देश
मौसम विभाग द्वारा राज्य में औसत से अधिक बारिश की संभावना जताने के बाद CM DHAMI ने मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा। डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से बचाव के लिए भी सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों में दवाइयों, ऑक्सीजन, बेड और अन्य जरूरी सुविधाओं का परीक्षण करने को कहा गया। आपदा प्रबंधन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखने और सभी जिलों एवं तहसीलों में टोल-फ्री नंबरों को सक्रिय रखने की बात कही गई ताकि लोग आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। अवैध तरीके से बनाए गए आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के खिलाफ अभियान को और कड़ा बनाने का आदेश दिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव, एमडीडीए के उपाध्यक्ष, कुमाऊं आयुक्त सहित सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने में कोई कसर न छोड़ें और एक सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध उत्तराखण्ड के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

पूर्वोत्तर में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत एवं बचाव कार्य जारी
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