NORTHEAST FLOOD: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में समय से पहले पहुंचा मॉनसून भारी तबाही लेकर आया है। असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में मूसलधार बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। सड़कों, पुलों और घरों को भारी नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है।

NORTHEAST FLOOD: असम में 80,000 से ज्यादा लोग प्रभावित, कई गांव जलमग्न
असम में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर है। राज्य के 15 जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और लगभग 80,000 लोग प्रभावित हुए हैं। असम राइफल्स और भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन जलराहत-2’ शुरू करते हुए इंफाल पूर्व और पश्चिम के वांगखेई, हेंगांग, लमलॉन्ग, खुरई, जेएनआईएमएस और अहल्लुप जैसे इलाकों से अब तक 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। भारतीय वायुसेना ने भी राहत कार्यों में हिस्सा लिया है और अब तक असम और अरुणाचल प्रदेश से 14 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला गया है।

मणिपुर और सिक्किम में भी बाढ़ का कहर
मणिपुर की राजधानी इंफाल घाटी में भारी बारिश के कारण अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ की स्थिति के चलते लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और राहत कार्य लगातार जारी हैं। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी दी है जिससे हालात और खराब हो सकते हैं। सिक्किम के मंगन जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गई हैं और सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रशासन फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में भी भारी नुकसान, यातायात पूरी तरह ठप
अरुणाचल प्रदेश में मॉनसून की समय से पहले शुरुआत ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बताया कि राज्य में कई सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है। राहत कार्यों में सेना और स्थानीय प्रशासन सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। त्रिपुरा में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और केंद्र सरकार से हरसंभव सहायता का आश्वासन प्राप्त किया। मिजोरम की राजधानी आइजोल में भी लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे लोगों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दी चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि 1 से 3 जून के बीच पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। इससे बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में और वृद्धि हो सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा-ब्रह्मपुत्र बेसिन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन, बेहतर जल निकासी और आपदा पूर्व तैयारी के उपायों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

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