OPERATION SINDOOR: भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंक के नौ ठिकानों को निशाना बनाकर पांच कुख्यात आतंकियों को मार गिराया है। ये आतंकी न केवल भारत की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल थे, बल्कि वर्षों से देश में आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार माने जाते रहे हैं। ऑपरेशन की शुरुआत 7 मई को की गई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई।

OPERATION SINDOOR में पांच मोस्ट वॉन्टेड आतंकी ढेर
इस ऑपरेशन में मारे गए पांच आतंकियों की पहचान हो चुकी है। इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के टॉप कमांडर शामिल हैं।
- सबसे बड़ा नाम है मसूद अजहर के साले मोहम्मद यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद जी का, जो 1999 के IC-814 विमान अपहरण कांड का वांछित अपराधी था। वर्षों से भारतीय एजेंसियां उसकी तलाश में थीं।
- दूसरा नाम है हाफिज मुहम्मद जमील का, जो मसूद अजहर का साला और जैश के बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह का प्रभारी था। वह जैश के लिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ने और फंड जुटाने का काम करता था।
- तीसरे आतंकी मुदस्सर खादियन खास उर्फ अबू जुंदाल की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के मरकज तैयबा की थी। वह पाकिस्तान के मुरीदके में बैठकर लश्कर के ऑपरेशनों की निगरानी करता था। उसकी मौत के बाद पाकिस्तान ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया, और सेना प्रमुख से लेकर पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज तक ने श्रद्धांजलि अर्पित की, जिससे साफ है कि उसे सरकारी और सैन्य स्तर पर संरक्षण मिला हुआ था।
- चौथा आतंकी खालिद उर्फ अबू अकाशा था, जो जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में शामिल रहा और अफगानिस्तान से हथियारों की तस्करी करता था। उसकी अंतिम क्रिया पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुई, जहां पाक सेना और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
- पांचवां नाम मोहम्मद हसन खान का है, जो जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती असगर खान कश्मीरी का बेटा था। वह PoK में सक्रिय था और जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की रणनीति बनाने में भूमिका निभाता था।

OPERATION SINDOOR केवल बदले की कार्रवाई नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य यह स्पष्ट संदेश देना था कि भारत अब आतंकी हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और सीधे उनके अड्डों पर वार करेगा। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, इस ऑपरेशन में शामिल आतंकियों की मौत से आतंकी संगठनों की कमर टूट गई है और पाकिस्तान को यह अहसास हो गया है कि भारत अब चुप बैठने वाला नहीं है। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से बौखलाहट साफ दिखी। 9 मई से उसने जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक भारत के 26 इलाकों में ड्रोन हमले करवाए। इससे साफ है कि भारतीय ऑपरेशन ने उन्हें बड़ा झटका दिया है।

OPERATION SINDOOR को भारतीय रक्षा रणनीति के इतिहास में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर भारत ने पाकिस्तान और PoK के भीतर घुसकर एकसाथ इतने आतंकी ठिकानों को तबाह किया है। इससे न केवल भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन हुआ है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि भारत अब आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारतीय सुरक्षा बलों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठन भविष्य में फिर से ऐसी हरकत करते हैं तो उनका जवाब और भी कड़ा होगा।

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