US ELECTION RULES CHANGE: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संघीय चुनाव प्रक्रिया में बड़े बदलाव लाने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका मकसद वोटर लिस्ट में अवैध अप्रवासियों की मौजूदगी पर नकेल कसना और मतदान प्रक्रिया को सख्त करना है। इस आदेश के तहत अब अमेरिकी नागरिकों को वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता प्रमाण, जैसे पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस, देना अनिवार्य होगा। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि यह कदम 2020 के चुनाव में कथित फर्जी मतदान को रोकने के लिए उठाया गया है, जिसे ट्रम्प अपनी हार का कारण मानते हैं।

US ELECTION RULES CHANGE: अमेरिका में वोटिंग नियम हर राज्य में अलग-अलग
कई राज्यों ने इस आदेश को अदालत में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। ट्रम्प ने अपने आदेश में भारत और ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि ये देश मतदाता पहचान को बायोमीट्रिक डेटाबेस से जोड़ते हैं, जबकि अमेरिका में यह प्रक्रिया अब तक सेल्फ अटेस्टेशन पर निर्भर थी। अमेरिका में वोटिंग नियम हर राज्य में अलग-अलग हैं। टेक्सास, जॉर्जिया और इंडियाना जैसे राज्यों में फोटो आईडी दिखाना जरूरी है, जबकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और इलिनॉय जैसे राज्यों में यह अनिवार्य नहीं है, जहां नाम-पता या बिजली का बिल दिखाकर भी वोट डाला जा सकता है। मिशिगन में बिना आईडी के हलफनामा साइन कर वोट डालने की सुविधा दी जाती है।

आदेश में कई बड़े बदलाव
ट्रम्प के इस आदेश में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब मतदान के लिए नागरिकता प्रमाण देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, राज्यों से वोटर लिस्ट साझा करने और चुनावी अपराधों की जांच में सहयोग करने की अपील की गई है। मेल-इन बैलट चुनाव खत्म होने के बाद अवैध माने जाएंगे, जिससे कई राज्यों में विरोध शुरू हो गया है। साथ ही, जिन राज्यों ने इस आदेश का पालन नहीं किया, उनकी संघीय फंडिंग में कटौती की चेतावनी दी गई है।

डेमोक्रेटिक पार्टी इस आदेश का कड़ा विरोध कर रही
डेमोक्रेटिक पार्टी इस आदेश का कड़ा विरोध कर रही है और उनका कहना है कि इससे गरीब, अल्पसंख्यक, बुजुर्ग और ग्रामीण इलाकों के लोग वोटिंग से वंचित हो सकते हैं, क्योंकि अमेरिका में करीब 2.13 करोड़ लोगों के पास सरकारी आईडी नहीं है। शादी के बाद नाम बदलने वाली महिलाओं को भी इस आदेश से दिक्कत हो सकती है। दूसरी ओर, रिपब्लिकन पार्टी का आरोप है कि डेमोक्रेटिक पार्टी अवैध अप्रवासियों को फर्जी वोटर रजिस्ट्रेशन के जरिए अपने पक्ष में वोट डलवाने में मदद करती है।(US ELECTION RULES CHANGE)

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US ELECTION RULES CHANGE: भारत के जैसे एक ही दिन मतदान पूरा कराने की बात कही
ट्रम्प चाहते हैं कि अमेरिका में भी मतदान और मतगणना एक ही दिन में पूरी हो, जैसा भारत में होता है। वे मेल-इन बैलट को चुनाव के दिन के बाद स्वीकार न करने और क्यूआर कोड वाली वोटिंग मशीनों को हटाने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में, अमेरिका के 18 राज्य चुनाव के बाद भी पोस्टल बैलट स्वीकार करते हैं, जिससे मतगणना में हफ्तों का समय लग जाता है। ट्रम्प के करीबी एलन मस्क भी इस मुद्दे पर भारत की प्रशंसा कर चुके हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी संविधान के तहत राज्यों को अपनी चुनावी प्रक्रिया तय करने का अधिकार है और ट्रम्प का यह आदेश कानूनी रूप से चुनौती का सामना कर सकता है।
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