IGAS FESTIVAL: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दिल्ली में भाजपा सांसद अनिल बलूनी के आवास पर उत्तराखंड के लोकपर्व इगास बग्वाल मनाने पहुंचे। इगास, जिसे बूढ़ी दिवाली भी कहा जाता है, उत्तराखंड की एक विशिष्ट परंपरा है और दिवाली के 11वें दिन मनाया जाता है। उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़ा यह पर्व राज्य के लोगों के बीच गहरे उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

IGAS FESTIVAL: प्रधानमंत्री मोदी ने किया गौपूजन और तुलसी पूजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर पहुंचे। इगास-बग्वाल के इस पर्व में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी पहनकर सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गौपूजन और तुलसी पूजन की विधि को निभाया, और इगास की ज्योति प्रज्वलित की।

पीएम ने दी शुभकामनाएं-
इन रस्मों के साथ उन्होंने पर्व की महत्ता और इसकी धार्मिक परंपराओं को मनाने का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के सभी निवासियों को इस विशेष पर्व की शुभकामनाएं दीं और उनकी समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस पर्व के दौरान बलूनी के आवास पर साधु-संतों का भी जमावड़ा था, जिससे यह आयोजन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से भी समृद्ध हो गया। बलूनी के परिवार और उपस्थित मेहमानों के साथ प्रधानमंत्री की तस्वीरें भी सामने आईं, जिसमें वह उत्तराखंड की संस्कृति में रमे नजर आए।

लोक संस्कृति का अनूठा पर्व है इगास, जानिए क्यों मनाया जाता है दिवाली के 11 दिन बाद?
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