Google Maps Copyright Rules को समझे बिना अगर आप वीडियो, ब्लॉग या न्यूज़ पोस्ट में मैप का स्क्रीनशॉट लगाते हैं, तो कॉपीराइट क्लेम का खतरा आ सकता है। बहुत से लोग मानते हैं कि गूगल मैप्स मुफ्त है, इसलिए इसे कहीं भी लगाया जा सकता है।
Google Maps Copyright Rules अलग है। मैप की इमेज और डेटा पर गूगल और उसके डेटा पार्टनर्स का अधिकार होता है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर आम इस्तेमाल के लिए अनुमति नहीं मांगनी पड़ती, बस कुछ आसान नियम मानने होते हैं।
क्या गूगल मैप्स का स्क्रीनशॉट इस्तेमाल करना कानूनी है?
हाँ, गूगल की आधिकारिक जियो गाइडलाइंस के मुताबिक न्यूज़, ब्लॉग, पढ़ाई और जानकारी वाले कंटेंट में मैप का स्क्रीनशॉट लगाया जा सकता है। इसके लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता। शर्त सिर्फ इतनी है कि गूगल की सेवा की शर्तें मानी जाएं और सही एट्रिब्यूशन दिया जाए। नियमों से बाहर के इस्तेमाल पर गूगल कोई अलग छूट नहीं देता।
एट्रिब्यूशन क्या है और इसे कैसे दें?
एट्रिब्यूशन का मतलब है स्रोत को श्रेय देना। मैप के नीचे एक छोटी लाइन दिखती है, जैसे “Map data ©2026 Google”। यही टेक्स्ट आपके कंटेंट में साफ दिखना चाहिए। स्क्रीनशॉट में इस लाइन को क्रॉप, धुंधला या गायब न करें। अगर मैप में किसी दूसरी कंपनी का डेटा है, तो उसका नाम भी लिखें, जैसे “Map data: Google, Maxar Technologies”। एट्रिब्यूशन हमेशा इमेज के पास रखें।
इसे वेबसाइट के फुटर या वीडियो के एंड क्रेडिट में डाल देना नियमों के खिलाफ है। यूट्यूब वीडियो में मैप दिखाने के नियम पढ़ाई, ट्रैवल या मनोरंजन वाले यूट्यूब वीडियो में गूगल मैप्स दिखाने के लिए अनुमति नहीं लेनी पड़ती। गूगल अर्थ के मामले में तो चैनल मोनेटाइज होने पर भी यह छूट मिलती है। लेकिन जितनी देर मैप स्क्रीन पर रहे, उतनी देर एट्रिब्यूशन भी दिखना चाहिए।
कुछ सेकंड बाद उसे फेड कर देना मान्य नहीं है। विज्ञापन या प्रमोशनल वीडियो, जैसे किसी प्रॉपर्टी कंपनी का लोकेशन वीडियो, बनाने से पहले गूगल की मंजूरी जरूरी है। ऐसे वीडियो में सैटेलाइट व्यू नहीं, सिर्फ सामान्य मैप व्यू चल सकता है।
Google Maps Copyright Rules में किन चीजों पर रोक है?
मैप पर अपने पॉइंट, लाइन या लेबल जोड़ना ठीक है, लेकिन उसका रंग, इंटरफेस या लुक बदलना मना है। स्क्रीनशॉट को टी शर्ट, मग या पोस्टर पर छापना और किताब के कवर पर लगाना भी मना है। गूगल अर्थ की इमेजरी रियल एस्टेट लिस्टिंग, वेबसाइट हेडर या डिजिटल विज्ञापन जैसे कमर्शियल काम में नहीं लग सकती।
स्ट्रीट व्यू के नियम
सबसे सख्त स्ट्रीट व्यू का स्क्रीनशॉट लेना किसी भी उद्देश्य के लिए मना है। इसे वेबसाइट पर केवल गूगल के एम्बेड कोड या API से दिखाया जा सकता है। वीडियो में यह तभी दिख सकता है जब कोई व्यक्ति फोन या लैपटॉप पर इसे चलाता नजर आए, और इसके लिए भी गूगल को अनुरोध भेजना होता है।

वेबसाइट पर मैप लगाने का सबसे सुरक्षित तरीका
ब्लॉग या बिजनेस वेबसाइट पर लोकेशन दिखानी है, तो “Embed a map” विकल्प सबसे आसान है। इसमें एट्रिब्यूशन अपने आप जुड़ा रहता है। फेयर यूज़ के सवाल पर गूगल कहता है कि यह फैसला वह नहीं कर सकता। भारत में ऐसे मामले कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 52 के तहत देखे जाते हैं, इसलिए Google Maps Copyright Rules के मुताबिक हर स्क्रीनशॉट के साथ सही क्रेडिट देना ही सबसे भरोसेमंद रास्ता है।
गूगल मैप्स से जुड़ी और जानकारी
ऐप के फीचर्स समझने के लिए Google Maps कैसे काम करता है पढ़ें। प्राइवेसी के लिहाज से लोकेशन शेयरिंग के नियम जानें और बिजनेस को मैप पर लाने के लिए Google My Business क्या है देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Google Maps Copyright Rules के तहत क्या स्क्रीनशॉट के लिए अनुमति लेनी पड़ती है?
न्यूज़, ब्लॉग और जानकारी वाले कंटेंट में अनुमति नहीं चाहिए। बस एट्रिब्यूशन इमेज के पास साफ दिखना चाहिए।
2. Google Maps Copyright Rules के अनुसार क्या मोनेटाइज यूट्यूब चैनल पर गूगल मैप्स दिखा सकते हैं?
हाँ, अगर वीडियो शैक्षणिक, ट्रैवल या मनोरंजन वाला है। विज्ञापन वाले वीडियो के लिए पहले मंजूरी लेनी होती है।
3. Google Maps Copyright Rules के अनुसार क्या स्ट्रीट व्यू का स्क्रीनशॉट ब्लॉग में लगा सकते हैं?
नहीं, इसे सिर्फ गूगल के एम्बेड कोड या API से दिखाया जा सकता है।
4. Google Maps Copyright Rules के अनुसार गूगल मैप्स इस्तेमाल करने के आधिकारिक नियम कहां मिलेंगे?
सभी नियम गूगल की आधिकारिक जियो गाइडलाइंस पेज पर दिए गए हैं।
आगे और समाचार पढ़े:
सुखोई, तेजस और किरण ने वाराणसी में दिखाया आसमानी शौर्य, पीएम मोदी ने देखा शानदार एयर शो
इस साल शरद पूर्णिमा पर बरसेगी माँ लक्ष्मी की कृपा! जानें व्रत, पूजा विधि और खीर का महत्व
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

