Old Mobile Number बंद होने के कुछ समय बाद टेलीकॉम कंपनी उसे किसी नए ग्राहक को दे सकती है। अगर वह नंबर अब भी आपके बैंक, UPI, ईमेल या सोशल मीडिया से जुड़ा है, तो आपकी निजी जानकारी और पैसे दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। ज्यादातर लोग नया नंबर लेने के बाद पुराने नंबर को भूल जाते हैं। लेकिन उस पर आने वाले OTP अब किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर पहुंच सकते हैं।
पुराना नंबर दूसरे को कब और कैसे मिलता है?
जब कोई Old Mobile Number लंबे समय तक रिचार्ज नहीं होता या ग्राहक उसे खुद बंद करा देता है, तो कंपनी उसे डीएक्टिवेट कर देती है। टेलीकॉम नियामक ट्राई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि डीएक्टिवेशन के बाद कम से कम 90 दिन तक नंबर किसी नए ग्राहक को नहीं दिया जाता।
इसके बाद यही Old Mobile Number दोबारा बाजार में आ सकता है। अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा था कि बैंक खाते और ऐप जैसी सेवाओं से Old Mobile Number हटाने की जिम्मेदारी खुद ग्राहक की है।
Old Mobile Number से जुड़े किन खातों को सबसे पहले जांचें?
बैंक खाता और UPI ऐप यह सबसे जरूरी कदम है, क्योंकि बैंक के OTP और ट्रांजैक्शन अलर्ट इसी नंबर पर आते हैं। अपने बैंक की ब्रांच, नेट बैंकिंग या ATM के जरिए नया नंबर दर्ज कराएं। बैंक में नंबर बदलते ही UPI ऐप को नए नंबर से दोबारा सेटअप करें। पुराने नंबर से जुड़ी UPI ID को डीएक्टिवेट करना न भूलें। आधार कार्ड आधार से जुड़ा नंबर कई सरकारी सेवाओं और ई-KYC में OTP के लिए इस्तेमाल होता है।
आधार में मोबाइल नंबर बदलने के लिए नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाना होता है। ईमेल और गूगल अकाउंट ईमेल अकाउंट का रिकवरी नंबर अगर पुराना है, तो कोई दूसरा व्यक्ति पासवर्ड रीसेट करके आपके मेल तक पहुंच सकता है। सेटिंग्स के सिक्योरिटी सेक्शन में जाकर रिकवरी नंबर तुरंत बदलें। WhatsApp और सोशल मीडिया WhatsApp में “Change Number” विकल्प से पुराने नंबर की जगह नया नंबर जोड़ें।
इसी तरह Instagram, Facebook और X जैसे प्लेटफॉर्म पर भी लॉगिन नंबर अपडेट करें। शॉपिंग ऐप, वॉलेट और सरकारी पोर्टल ई-कॉमर्स ऐप, फूड डिलीवरी ऐप और डिजिटल वॉलेट में आपके पते और कार्ड की जानकारी सेव रहती है। DigiLocker, इनकम टैक्स पोर्टल और EPFO जैसी सरकारी सेवाओं में भी नंबर बदलना जरूरी है।
नंबर बदलने से पहले ये सावधानी रखें
पुराना नंबर बंद करने से पहले ही सभी खातों में नया नंबर जोड़ दें। ऐसा करने से OTP वाली दिक्कत नहीं आती और काम आसानी से हो जाता है। जहां भी संभव हो, टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन के लिए SMS की बजाय ऑथेंटिकेटर ऐप का इस्तेमाल करें।
इससे केवल नंबर मिल जाने से कोई आपके खाते तक नहीं पहुंच पाएगा। अगर पुराना नंबर पहले ही किसी और को मिल चुका है, तो देर न करें। सबसे पहले बैंक और ईमेल के पासवर्ड बदलें और फिर बाकी खातों को एक एक कर अपडेट करें।

धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें?
अगर पुराने नंबर की वजह से खाते से पैसा कटा है, तो तुरंत बैंक को सूचना दें और कार्ड या खाता ब्लॉक कराएं। साइबर ठगी की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पोर्टल पर दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी ज्यादा रहती है। सभी लेनदेन के स्क्रीनशॉट और मैसेज संभालकर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Old Mobile Number कितने दिन बाद किसी और को मिल सकता है?
ट्राई के मुताबिक डीएक्टिवेशन के बाद कम से कम 90 दिन तक नंबर किसी नए ग्राहक को नहीं दिया जाता। इसके बाद कंपनी उसे दोबारा जारी कर सकती है।
2. Old Mobile Number से बैंक खाता कैसे हटाएं?
बैंक की ब्रांच, नेट बैंकिंग या ATM के जरिए नया नंबर दर्ज कराएं। इसके बाद पुराना नंबर अपने आप खाते से हट जाता है।
3. क्या नए यूजर को मेरी WhatsApp चैट दिख सकती है?
आपकी पुरानी चैट आपके फोन में रहती है, नए यूजर को नहीं मिलती। फिर भी जोखिम से बचने के लिए समय रहते WhatsApp में नंबर बदल लेना ही सही है।
4. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पुराने नंबर को सेवाओं से हटाना ग्राहक की जिम्मेदारी है। इस सुनवाई की पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
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उपरोक्त Old Mobile Number की जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

