Ultra Wideband एक ऐसी वायरलेस तकनीक है, जो दो डिवाइस के बीच की दूरी और दिशा को कुछ सेंटीमीटर की सटीकता से माप लेती है। आज यह कई प्रीमियम स्मार्टफोन में चुपचाप काम कर रही है, पर ज्यादातर लोग इसका नाम तक नहीं जानते।
सोचिए, घर में चाबी कहीं रखकर भूल गए और फोन बस इतना बताए कि वह “आसपास” है। ऐसे में उसे ढूंढना फिर भी मुश्किल रहता है। यहीं यह तकनीक काम आती है, क्योंकि यह बताती है कि चीज ठीक कितनी दूर और किस दिशा में है।
यूडब्ल्यूबी तकनीक असल में क्या है?
Ultra Wideband यानी अल्ट्रा वाइडबैंड, कम दूरी पर काम करने वाली एक रेडियो तकनीक है। यह बहुत चौड़े फ्रीक्वेंसी बैंड पर बेहद कम पावर वाले छोटे-छोटे सिग्नल भेजती है। आमतौर पर यह 3.1 से 10.6 गीगाहर्ट्ज की रेंज में काम करती है और इसका हर चैनल कम से कम 500 मेगाहर्ट्ज चौड़ा होता है। इसी चौड़ाई की वजह से इसे “वाइडबैंड” कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है जगह का सटीक पता लगाना। जहां ब्लूटूथ अंदाजे से दूरी बताता है, वहीं यह लगभग 10 सेंटीमीटर तक सही माप दे सकती है।
यह तकनीक काम कैसे करती है?
इसका तरीका “टाइम ऑफ फ्लाइट” पर टिका है। फोन एक सिग्नल भेजता है, सामने वाला डिवाइस उसका जवाब देता है और दोनों के बीच लगा समय नापा जाता है। रेडियो सिग्नल प्रकाश की गति से चलते हैं, इसलिए यह समय बहुत छोटा होता है।
लेकिन इसके पल्स इतने बारीक होते हैं कि यह नैनोसेकंड के छोटे हिस्से तक का अंतर पकड़ लेती है। दिशा जानने के लिए फोन में एक से ज्यादा एंटीना लगे होते हैं। सिग्नल हर एंटीना तक थोड़े अलग समय पर पहुंचता है और इसी अंतर से फोन तय करता है कि चीज किस ओर है।
स्मार्टफोन में Ultra Wideband का इस्तेमाल
खोई हुई चीजें ढूंढना आईफोन के साथ एयरटैग और सैमसंग फोन के साथ स्मार्टटैग प्लस इसका सबसे लोकप्रिय उदाहरण हैं। फोन स्क्रीन पर तीर दिखाकर बताता है कि चाबी या बैग किस तरफ और कितने कदम दूर है। फोन बनेगा कार की चाबी कई नई कारें अब फोन को ही चाबी बना देती हैं। जेब में फोन रखकर कार के पास पहुंचते ही दरवाजा खुल जाता है और दूर जाते ही लॉक हो जाता है।
सटीक दूरी मापने की वजह से चोर किसी दूसरी जगह से सिग्नल बढ़ाकर कार नहीं खोल पाते। पुरानी चाबियों में यह एक बड़ी कमजोरी थी। दिशा के साथ फाइल शेयरिंग जब आप फोन को किसी दूसरे फोन की ओर घुमाते हैं, तो वही डिवाइस शेयरिंग लिस्ट में सबसे ऊपर आ जाता है।
भीड़ वाली जगह पर सही व्यक्ति चुनना इससे आसान हो जाता है। स्मार्ट होम और भुगतान फोन लेकर कमरे में जाते ही लाइट जलना या गाने का स्पीकर पर शिफ्ट होना भी इससे मुमकिन है। बिना टैप किए सुरक्षित भुगतान में भी इसके इस्तेमाल पर काम चल रहा है।
ब्लूटूथ और जीपीएस से यह अलग कैसे है?
ब्लूटूथ सिग्नल की ताकत देखकर दूरी का अंदाजा लगाता है, जिसमें कुछ मीटर की गलती आम बात है। दीवार या शरीर बीच में आ जाए तो यह अंदाजा और बिगड़ जाता है। जीपीएस खुले आसमान में बढ़िया काम करता है, लेकिन घर या मॉल के अंदर अक्सर कमजोर पड़ जाता है। यूडब्ल्यूबी कम दूरी पर इन दोनों की कमी पूरी करता है।
किन स्मार्टफोन में मिलता है यह फीचर?
एपल ने आईफोन 11 में यू1 चिप लाकर इसकी शुरुआत की थी और आईफोन 15 से इसकी दूसरी पीढ़ी की चिप आने लगी। सैमसंग गैलेक्सी एस सीरीज के प्लस और अल्ट्रा मॉडल तथा गूगल पिक्सल के प्रो मॉडल में भी यह मिलता है। फोन खरीदते समय स्पेसिफिकेशन में “यूडब्ल्यूबी” या “अल्ट्रा वाइडबैंड” लिखा जरूर देखें। ध्यान रखें कि ज्यादातर बजट फोन में यह फीचर नहीं होता।
फायदे और सीमाएं
इसके फायदे साफ हैं: सटीक लोकेशन, कम बिजली खपत और दूसरे वायरलेस सिग्नल से कम टकराव। सुरक्षा के लिहाज से भी इसे ब्लूटूथ से ज्यादा मजबूत माना जाता है। सीमा यह है कि इसकी रेंज आमतौर पर कुछ दर्जन मीटर तक ही होती है।

साथ ही दोनों डिवाइस में यह चिप होना जरूरी है, वरना यह काम नहीं करेगी। निष्कर्ष Ultra Wideband धीरे-धीरे स्मार्टफोन का एक जरूरी हिस्सा बनती जा रही है। चाबी ढूंढने से लेकर कार खोलने तक, यह रोजमर्रा के छोटे कामों को सच में आसान बना रही है।
इस विषय को और गहराई से समझने के लिए ये लेख भी पढ़ें: यूडब्ल्यूबी तकनीक ब्लूटूथ और जीपीएस से कैसे अलग है, फोन से खोई चाबी और पर्स कैसे ढूंढें और डिजिटल कार चाबी का पूरा मैकेनिज्म।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Ultra Wideband तकनीक क्या है?
Ultra Wideband कम दूरी की एक रेडियो तकनीक है, जो दो डिवाइस के बीच दूरी और दिशा को बेहद सटीकता से मापती है।
2. क्या Ultra Wideband से फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है?
नहीं, यह बहुत कम पावर पर काम करती है। इसलिए बैटरी पर इसका असर मामूली होता है।
3. क्या सभी स्मार्टफोन में Ultra Wideband होता है?
नहीं, यह फीचर अभी ज्यादातर प्रीमियम मॉडल में ही मिलता है। अपने फोन के स्पेसिफिकेशन में इसे जरूर जांचें।
4. Ultra Wideband की रेंज कितनी होती है?
स्मार्टफोन में इसकी उपयोगी रेंज आमतौर पर कुछ मीटर से लेकर लगभग 50 मीटर तक होती है। यह आसपास की दीवारों और रुकावटों पर भी निर्भर करती है।
5. Ultra Wideband के मानक कौन तय करता है?
इसके तकनीकी मानक आईईईई 802.15.4z में तय हैं। अलग-अलग कंपनियों के डिवाइस आपस में सही तरह काम करें, इसके लिए फीरा कंसोर्टियम काम करता है।
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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

