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Pahalgam Attack: 20 लाख का इनामी आतंकी हाशिम मूसा बडगाम एनकाउंटर में ढेर, पाकिस्तानी सेना का रह चुका था पैरा-कमांडो

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। Pahalgam आतंकी हमले में वांछित लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को बडगाम जिले में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया है। उसके बारे में सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा था और उसके खिलाफ सूचना देने पर 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी।

सेना की चिनार कोर के मुताबिक, यह कार्रवाई ऑपरेशन कोराग के तहत यूसमर्ग के कोराग इलाके में की गई। अभियान में भारतीय सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ शामिल थे। मुठभेड़ के बाद पालमेदन इलाके में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान मूसा का शव और युद्ध जैसी सामग्री बरामद की गई।

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ ऑपरेशनPahalgam

सुरक्षा बलों को यूसमर्ग के आसपास के इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को लेकर विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर मंगलवार को संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। सेना के अनुसार, तलाशी के दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकियों को चुनौती दी। इसके बाद आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की।

मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी मारा गया। बाद में तलाशी अभियान में उसकी पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के तौर पर हुई। उसके पास से हथियार और अन्य युद्ध सामग्री बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। इलाके में अतिरिक्त तलाशी अभियान भी चलाया गया ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की संभावना को खारिज किया जा सके।

पहलगाम हमले की जांच में सामने आया था नाम

हाशिम मूसा का नाम 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच के दौरान प्रमुखता से सामने आया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने मूसा को हमले से जुड़े प्रमुख संदिग्धों में शामिल किया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी नेटवर्क का नाम सामने आया था। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी मूसा समेत पाकिस्तान के नागरिकों और लश्कर के आतंकियों के बारे में जानकारी देने पर इनाम घोषित किया था।

हालांकि, किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष और जांच एजेंसियों के आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है। मूसा की मौत मुठभेड़ में हुई है, जबकि पहलगाम हमले से जुड़े आरोपों की जांच और अभियोजन संबंधी प्रक्रिया अपने अलग कानूनी आधार पर चलती रही है।

पाकिस्तानी सेना के SSG से जुड़ा रहा था मूसा

सुरक्षा सूत्रों और पूर्व रिपोर्टों के मुताबिक, हाशिम मूसा ने पाकिस्तान की Special Service Group (SSG) में पैरा-कमांडो के तौर पर प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद उसके लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ने और जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी सामने आई थी।

रिपोर्टों के मुताबिक, मूसा ने 2023 में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की थी। सुरक्षा एजेंसियां उसे ऐसे आतंकियों में गिनती थीं जिन्हें इलाके के पहाड़ी और घने जंगलों वाले भूभाग की अच्छी जानकारी थी। पिर पंजाल क्षेत्र में उसकी गतिविधियों को लेकर भी जांच चलती रही थी।

5 सितंबर की मुठभेड़ से बच निकला था

मूसा इससे पहले भी सुरक्षाबलों के रडार पर था। रिपोर्टों के मुताबिक, 5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई एक मुठभेड़ के दौरान उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था, जबकि मूसा वहां से बच निकलने में सफल रहा था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाश और तेज कर दी थी।

लगातार खुफिया इनपुट जुटाने और इलाके में अभियान चलाने के बाद सुरक्षाबलों को उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली। इसी इनपुट के आधार पर ऑपरेशन कोराग शुरू किया गया, जिसमें आखिरकार मूसा मारा गया।

बडगाम में सर्च ऑपरेशन जारी

मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि मूसा के साथ कोई अन्य आतंकी मौजूद था या नहीं।

सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों और अन्य सामग्री की भी जांच कर रही हैं। इसके जरिए मूसा के संभावित नेटवर्क, उसके संपर्कों और इलाके में उसकी गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिश की जा सकती है।

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पहलगाम हमले के बाद जारी है आतंकियों के खिलाफ अभियान

पहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किया है। मूसा की मौत इस अभियान की हालिया प्रमुख घटनाओं में शामिल है।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए अब मूसा से जुड़े नेटवर्क और उसके संपर्कों की पहचान महत्वपूर्ण होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि वह किन लोगों के संपर्क में था और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों को किस तरह की मदद मिल रही थी।

फिलहाल बडगाम के यूसमर्ग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षाबलों के मुताबिक, इलाके में किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को लेकर निगरानी बनाए रखी जा रही है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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