नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी है। देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 14 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच मस्टैंग जिले में एक पहाड़ का बड़ा हिस्सा कुछ ही सेकंड में काली गंडकी नदी में जा गिरा। इस घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें पहाड़ी का हिस्सा टूटकर नदी में गिरता और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित जगह की ओर भागते देखा जा सकता है।
नेपाल में कुछ सेकंड में नदी में समा गया पहाड़
मस्टैंग के लेटे इलाके के पास भारी बारिश के बाद पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर काली गंडकी नदी में गिर गया। वीडियो में दिखाई देता है कि चट्टान और मिट्टी का विशाल हिस्सा तेजी से नीचे की ओर खिसकता है और नदी के प्रवाह को कुछ समय के लिए रोक देता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, मलबे के कारण नदी का बहाव कुछ देर के लिए बाधित हुआ, लेकिन बाद में पानी ने मलबे के बीच से रास्ता बना लिया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
नेपाल में तीन दिन की बारिश से कई जिले प्रभावित
नेपाल में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर गांदकी प्रांत के मनांग, म्याग्दी, बागलुंग, पर्वत और पाल्पा जिलों में देखने को मिला है। दक्षिणी तराई के कुछ इलाकों में भी जलभराव और कटाव की खबरें सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से 747 परिवार सीधे प्रभावित हुए हैं। गांदकी प्रांत में करीब 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि कुछ अन्य घरों को खतरे की श्रेणी में रखा गया है।
नेपाल के बागलुंग में सबसे ज्यादा मौतें
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार बागलुंग में 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि म्याग्दी में छह और मनांग में दो लोगों की जान गई है। पाल्पा में पांच और धनुषा जिले में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
मनांग में 10, म्याग्दी में तीन और बागलुंग में एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है।
पुल और सड़कें बहीं, बिजली व्यवस्था पर भी असर
भारी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। काली गंडकी नदी के उफान में स्यांगजा और गुल्मी को जोड़ने वाला एक कंक्रीट पुल बह गया। कई सड़कों और हाईवे पर भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।
बाढ़ का असर बिजली परियोजनाओं पर भी पड़ा है। काली गंडकी-ए जलविद्युत परियोजना में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मिर्मी बांध के तीनों गेट खोले गए और बिजली उत्पादन रोकना पड़ा। ट्रांसमिशन लाइन के टावरों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। इससे करीब 358.2 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित होने की रिपोर्ट है।
हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन, दो की मौत
बारिश और भूस्खलन के बीच मनांग जिले के हिमलुंग हिमाल क्षेत्र में हिमस्खलन की घटना भी हुई। इसमें कम से कम दो लोगों की मौत हुई है। अभियान दल में पर्वतारोहियों और सपोर्ट स्टाफ समेत 22 लोग शामिल थे। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें आईं।
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अगस्त की बड़ी आपदा के बाद फिर संकट
नेपाल अभी पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि नई बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अगस्त में आई बाढ़ और उससे जुड़ी आपदा में 1,400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग लापता हुए थे। सितंबर की ताजा घटनाओं ने देश के पर्वतीय और नदी घाटी वाले क्षेत्रों की आपदा संवेदनशीलता को फिर उजागर किया है।
फिलहाल प्रशासन का फोकस लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों तथा बिजली ढांचे की स्थिति का आकलन करने पर है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

