भारतीय महिला क्रिकेट टीम(IND )ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 114 रनों से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। निस्शिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 195 रन बनाए। इसके जवाब में बांग्लादेश की पूरी टीम 15.4 ओवर में केवल 81 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ भारत ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है और अब उसकी नजर लगातार दूसरे स्वर्ण पदक पर है। फाइनल में भारतीय टीम का सामना श्रीलंका से होगा।
शेफाली वर्मा का शानदार शतक
भारत की जीत की सबसे बड़ी नायिका सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा रहीं। उन्होंने केवल 49 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला शतक पूरा किया। उनकी पारी में तीन चौके और नौ छक्के शामिल रहे। शेफाली ने पारी की आखिरी गेंद पर शतक पूरा किया, जिसके बाद उन्होंने हेलमेट उतारकर बल्ला उठाया और टीम के साथियों की ओर अभिवादन किया।
शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने बांग्लादेश के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। उन्होंने मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए और भारतीय स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनका शतक भारतीय पारी का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
मंधाना और हरमनप्रीत का अहम योगदान
भारत को अच्छी शुरुआत देने में स्मृति मंधाना ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंधाना ने 19 गेंदों पर 37 रन बनाए, जिसमें चौके और छक्के शामिल थे। उन्होंने शेफाली के साथ पहले विकेट के लिए तेज साझेदारी की और पावरप्ले में भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
मंधाना की पारी के दौरान एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई। वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने न्यूजीलैंड की सुजी बेट्स को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी उपयोगी पारी खेली। उन्होंने 33 गेंदों पर 40 रन बनाए और शेफाली के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट खोकर 195 रन बनाए, जिससे बांग्लादेश के सामने 196 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा गया।
भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए और विपक्षी टीम को खुलकर बल्लेबाजी करने का अवसर नहीं दिया। बांग्लादेश की ओर से दिलारा अख्तर ने 27 रन बनाकर संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
भारत की ओर से नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी की। दोनों ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। श्री चरणी ने भी दो विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। क्रांति गौड़ और श्रेयंका पाटिल को एक-एक सफलता मिली।
बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने लगातार दबाव में रही और 15.4 ओवर में 81 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने मुकाबला 114 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया। बांग्लादेश की ओर से दिलारा अख्तर के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सकी।
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फाइनल में श्रीलंका से मुकाबला
भारत की इस जीत के साथ महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक मुकाबला तय हो गया है। फाइनल में भारत का सामना श्रीलंका से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल 22 सितंबर को खेला जाएगा.
डिफेंडिंग चैंपियन भारत के पास अब एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने का अवसर है। टीम की बल्लेबाजी में शेफाली वर्मा का आक्रामक शतक, मंधाना की तेज शुरुआत और हरमनप्रीत कौर की संयमित पारी सकारात्मक संकेत हैं। वहीं गेंदबाजी में नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा के प्रदर्शन ने टीम की मजबूती को उजागर किया है।
भारत की नजर अब फाइनल में भी इसी तरह के सामूहिक प्रदर्शन पर होगी। श्रीलंका की टीम चुनौती पेश कर सकती है, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण—तीनों विभागों में निरंतरता बनाए रखनी होगी। सेमीफाइनल में मिली बड़ी जीत ने भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ाया है, लेकिन स्वर्ण पदक का फैसला फाइनल मुकाबले में होगा।

