PM POSHAN Yojana जिसे पहले मिड डे मील योजना कहा जाता था, देश भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करोड़ों बच्चों को मुफ्त भोजन देती है। कई अभिभावकों और नए शिक्षकों को अब भी इस योजना के नियम ठीक से पता नहीं होते।
PM POSHAN Yojana क्या है?
पीएम पोषण योजना केंद्र सरकार की एक बड़ी योजना है, जिसके तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल में ही पका हुआ पौष्टिक भोजन दिया जाता है। पहले इसे मिड डे मील योजना कहा जाता था, बाद में इसका नाम बदलकर पीएम पोषण कर दिया गया।
यह योजना कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को कवर करती है। बालवाड़ी और प्री प्राइमरी कक्षाओं के बच्चे भी कई जगह इसमें शामिल किए गए हैं। योजना का मकसद सिर्फ भोजन देना नहीं, बल्कि बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों को साथ में सुधारना है।
यह योजना कैसे काम करती है?
हर स्कूल में रसोई घर होता है, जहां रोज बच्चों के लिए ताजा भोजन बनाया जाता है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों मिलकर इसका खर्च उठाते हैं। भोजन में दाल, सब्जी, चावल या रोटी जैसी चीजें शामिल होती हैं, जो बच्चों की उम्र के हिसाब से तय पोषण मानकों पर आधारित होती हैं।
कई राज्यों में इसमें अंडा या फल भी जोड़ा जाता है, ताकि बच्चों को अतिरिक्त प्रोटीन और विटामिन मिल सके। स्कूल स्तर पर एक समिति भोजन की गुणवत्ता और साफ सफाई पर नजर रखती है, और समय समय पर जांच भी होती है।

PM POSHAN Yojana के फायदे
PM POSHAN Yojana से गरीब परिवारों के बच्चों को स्कूल जाने की एक और वजह मिलती है, क्योंकि उन्हें घर से खाना ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती। कुपोषण कम करने में भी यह योजना काफी मदद करती है, खासकर उन इलाकों में जहां पौष्टिक भोजन आसानी से नहीं मिलता। स्कूल में एक साथ खाना खाने से बच्चों में सामाजिक बराबरी की भावना भी बढ़ती है, क्योंकि सभी बच्चे एक जैसा भोजन एक साथ बैठकर खाते हैं।
कई अध्ययन बताते हैं कि इस योजना के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी बेहतर हुई है। शिक्षकों का भी मानना है कि भूखे पेट पढ़ाई करने वाले बच्चों की तुलना में भरे पेट पढ़ने वाले बच्चे ज्यादा ध्यान लगा पाते हैं। इससे परीक्षा परिणाम पर भी धीरे धीरे सकारात्मक असर दिखने लगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- PM POSHAN Yojana किन बच्चों के लिए है?
यह योजना सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले सभी बच्चों के लिए है। - मिड डे मील और इस योजना में क्या फर्क है?
दोनों एक ही योजना हैं, बस नाम बदला गया है, पुरानी मिड डे मील योजना को ही अब पीएम पोषण के नाम से जाना जाता है। - PM POSHAN Yojana का खर्च कौन उठाता है?
इसका खर्च केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों मिलकर तय अनुपात में साझा करते हैं। - भोजन में क्या क्या शामिल होता है?
आमतौर पर दाल, सब्जी, चावल या रोटी दी जाती है, और कई राज्यों में अतिरिक्त पोषण के लिए अंडा या मौसमी फल भी शामिल किया जाता है। - PM POSHAN Yojana की पूरी जानकारी कहां मिल सकती है?
शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी दिशा निर्देश और ताजा अपडेट देखे जा सकते हैं।
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