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दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं है? ऐसे करें दोबारा शामिल होने का दावा

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के तहत जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज कर दी है। चुनाव आयोग की ओर से जारी ड्राफ्ट सूची में पहले दर्ज करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक नाम शामिल नहीं हैं। ऐसे में जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं दिख रहा है, उनके लिए सबसे अहम सवाल है कि अब आगे क्या किया जाए और मतदान का अधिकार सुरक्षित रखने के लिए कौन-सी प्रक्रिया अपनानी होगी।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची अंतिम मतदाता सूची नहीं होती। पात्र मतदाताओं को अपनी आपत्ति या दावा दर्ज कराने का अवसर मिलता है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं है, तो उसे घबराने के बजाय पहले अपना नाम और मतदाता संबंधी विवरण दोबारा जांचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर निर्धारित फॉर्म के जरिए दावा दाखिल करना चाहिए।

सबसे पहले जांचें कि नाम वास्तव में गायब है या नहींदिल्ली

नाम नहीं मिलने की स्थिति में पहला कदम आधिकारिक चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल पर अपना रिकॉर्ड जांचना है। आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर SIR से संबंधित सेवाओं के साथ “Search Your Name in Last SIR” और अन्य मतदाता संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मतदाता अपने EPIC नंबर, यानी वोटर आईडी नंबर के जरिए रिकॉर्ड तलाश सकता है। इसके अलावा नाम, रिश्तेदार का नाम, विधानसभा क्षेत्र और अन्य उपलब्ध विवरणों के आधार पर भी खोज की जा सकती है।

नाम की स्पेलिंग में अंतर होने की स्थिति में अलग-अलग वर्तनी आजमाना भी उपयोगी हो सकता है। चुनाव आयोग के पोर्टल पर भी यह बताया गया है कि पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड में नाम की वर्तनी अलग हो सकती है।

दिल्ली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो Form 6 भरें

अगर जांच के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि पात्र मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो Form 6 के जरिए मतदाता सूची में नाम शामिल करने का दावा किया जा सकता है। चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर नए मतदाता पंजीकरण के लिए Form 6 उपलब्ध है।

Form 6 का इस्तेमाल उन भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाता है जो मतदाता के रूप में पंजीकरण के पात्र हैं। आवेदन में मांगी गई जानकारी सावधानीपूर्वक भरना जरूरी है। गलत या अधूरी जानकारी देने से आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

मतदाता को अपने दावे के साथ आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं। चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया से जुड़े निर्देशों में पात्रता और पहचान/पते से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन की व्यवस्था है।

अगर नाम पहले था, फिर भी गायब है तो क्या करें?

कई लोगों के लिए स्थिति इसलिए चिंताजनक है क्योंकि उनका नाम पहले की मतदाता सूची में मौजूद था, लेकिन नए ड्राफ्ट रोल में नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे मतदाताओं को अपने पुराने मतदाता रिकॉर्ड और EPIC विवरण के आधार पर स्थिति जांचनी चाहिए।

चुनाव आयोग की SIR व्यवस्था में ऐसे मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विशेष खोज सुविधाएं बनाई गई हैं। आयोग के पोर्टल पर पुराने SIR रोल में नाम तलाशने की सुविधा भी दी गई है।

यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम किसी कारण से ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा दाखिल कर सकता है। संबंधित चुनाव अधिकारी आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद निर्णय लेते हैं।

नाम हटने के कारण भी देखें

ड्राफ्ट सूची से किसी नाम के गायब होने के पीछे अलग-अलग संभावित कारण हो सकते हैं। इनमें व्यक्ति का दूसरी जगह स्थानांतरित होना, मृत्यु, दोहरी प्रविष्टि या गणना प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड उपलब्ध न होना जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं। चुनाव आयोग की SIR संबंधी व्यवस्था में ऐसे मामलों की पहचान और कारण दर्ज करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

इसलिए मतदाताओं के लिए केवल नाम देखना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें यह भी जांचना चाहिए कि उनके रिकॉर्ड में पता, विधानसभा क्षेत्र और अन्य विवरण सही हैं या नहीं।

Form 8 कब इस्तेमाल करें?

अगर नाम वोटर लिस्ट में मौजूद है लेकिन उसमें गलत जानकारी दर्ज है, तो Form 6 के बजाय सुधार के लिए Form 8 का इस्तेमाल किया जाता है। चुनाव आयोग के अनुसार EPIC में दर्ज विवरणों में सुधार के लिए Form 8 के जरिए आवेदन किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर नाम, पता या अन्य मतदाता विवरण में गलती होने पर संबंधित सुधार प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

इसलिए मतदाताओं को यह समझना जरूरी है कि नया नाम जोड़ने, मौजूदा रिकॉर्ड में सुधार करने और नाम हटाने जैसी अलग-अलग प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित हैं।

अंतिम सूची से पहले मौका

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि यह अंतिम सूची नहीं होती। ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद पात्र नागरिकों को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलता है। संबंधित चुनाव अधिकारी दस्तावेजों और पात्रता की जांच के बाद आवश्यक संशोधन कर सकते हैं।

इसलिए जिन लोगों का नाम अभी ड्राफ्ट में नहीं है, उन्हें अंतिम सूची का इंतजार करने के बजाय निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा दाखिल करना चाहिए।

राजनीतिक विवाद भी तेज

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नामों के बाहर होने के बाद राजनीतिक दलों ने भी सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी नेताओं ने इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। वहीं चुनावी प्रक्रिया के तहत आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक सटीक बनाना है।

राजनीतिक बहस के बीच आम मतदाता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि वह पात्र है और उसका नाम सूची में नहीं है, तो वह कानूनी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा दर्ज कर सकता है।

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मतदाताओं को क्या करना चाहिए?

अगर दिल्ली के किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो उसे इन चरणों का पालन करना चाहिए:

1. आधिकारिक चुनाव आयोग पोर्टल पर नाम और EPIC नंबर से जांच करें।

2. पुराने SIR रिकॉर्ड में भी अपना नाम तलाशें।

3. नाम वास्तव में गायब होने पर Form 6 के जरिए शामिल किए जाने का दावा करें।

4. आवश्यक पहचान और पते से संबंधित दस्तावेज तैयार रखें।

5. यदि नाम मौजूद है लेकिन विवरण गलत है, तो Form 8 के जरिए सुधार का आवेदन करें।

6. आवेदन की स्थिति और संबंधित चुनाव अधिकारी की सूचना पर नजर रखें।

निष्कर्ष

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 47 लाख से अधिक नामों के बाहर होने की खबर ने बड़ी संख्या में मतदाताओं को चिंतित किया है। हालांकि, ड्राफ्ट सूची अंतिम सूची नहीं है और पात्र नागरिकों को अपना नाम शामिल कराने के लिए दावा दाखिल करने का अवसर दिया गया है।

सबसे जरूरी है कि मतदाता समय रहते अपना नाम आधिकारिक पोर्टल पर जांचें। नाम गायब होने पर Form 6, जबकि मौजूदा विवरण में सुधार के लिए Form 8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मतदाता सूची में नाम होना मतदान के अधिकार की बुनियादी शर्तों में से एक है। इसलिए राजनीतिक विवादों से अलग, प्रत्येक पात्र नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपनी प्रविष्टि की जांच करे और किसी भी गलती या नाम के छूट जाने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर दावा दर्ज कराए।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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