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Startup India Tax Exemption (80-IAC) क्या है? जानें 3 साल की टैक्स छूट क्लेम करने का पूरा तरीका!

नए स्टार्टअप के लिए शुरुआती सालों में टैक्स का बोझ सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी समस्या को कम करने के लिए सरकार ने Startup India Tax Exemption की सुविधा दी है, जिसे धारा 80-IAC के नाम से जाना जाता है। इस स्कीम के तहत योग्य कंपनियां लगातार तीन साल तक आयकर में पूरी छूट पा सकती हैं। कई नए उद्यमी इस सुविधा के बारे में जानते तो हैं, लेकिन सही प्रक्रिया न पता होने की वजह से इसका लाभ नहीं उठा पाते।

Startup India Tax Exemption क्या है?

Startup India Tax Exemption आयकर अधिनियम की धारा 80-IAC के तहत मिलने वाली एक छूट है, जो DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को दी जाती है। इसके तहत कंपनी को अपनी शुरुआती दस साल की अवधि में से किसी भी लगातार तीन साल के लिए 100 प्रतिशत आयकर छूट मिलती है।

यह छूट सीधे मुनाफे पर लागू होती है, जिससे कंपनी को शुरुआती दौर में पूंजी बचाने में बड़ी मदद मिलती है। इस सुविधा का मकसद नए उद्यमियों को वित्तीय दबाव कम करके नवाचार पर ध्यान देने का मौका देना है।

Startup India Tax Exemption के लिए पात्रता

इसके लिए कंपनी का गठन प्राइवेट लिमिटेड या LLP के रूप में होना जरूरी है। कंपनी की स्थापना की तारीख से दस साल के भीतर आवेदन करना जरूरी होता है। सालाना टर्नओवर किसी भी वित्तीय वर्ष में एक सौ करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

Startup India Tax Exemption लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि कंपनी को पहले से DPIIT Recognition मिला होना चाहिए, तभी टैक्स छूट के लिए आवेदन किया जा सकता है। पुराने बिजनेस को तोड़कर या नाम बदलकर बनाई गई कंपनी इस छूट के लिए योग्य नहीं मानी जाती।

Startup India Tax Exemption कैसे क्लेम करें?

सबसे पहले कंपनी को startupindia.gov.in पोर्टल से DPIIT Recognition प्राप्त करना होता है। इसके बाद 80-IAC छूट के लिए अलग से आवेदन उसी पोर्टल पर सबमिट किया जाता है। आवेदन के साथ बिजनेस मॉडल, फाइनेंशियल स्टेटमेंट और इनकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज देने होते हैं।

आवेदन की समीक्षा इंटर-मिनिस्ट्रियल बोर्ड यानी IMB द्वारा की जाती है, जो नवाचार क्षमता को परखता है। मंजूरी मिलने के बाद कंपनी अपने चुने हुए तीन सालों के लिए आयकर रिटर्न में यह छूट क्लेम कर सकती है।

Startup India Tax Exemption
Startup India Tax Exemption

Startup India Tax Exemption के दौरान ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें

यह छूट सिर्फ आयकर पर लागू होती है, GST या अन्य टैक्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। IMB की मंजूरी में समय लग सकता है, इसलिए आवेदन जल्द से जल्द करना बेहतर रहता है। कंपनी को हर साल जरूरी कंप्लायंस और फाइलिंग समय पर पूरी करनी चाहिए, ताकि छूट रद्द न हो। तीन साल की अवधि चुनते समय उस समय को ध्यान में रखना चाहिए जब कंपनी का मुनाफा सबसे ज्यादा होने की संभावना हो, ताकि छूट का पूरा फायदा मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. 80-IAC के तहत कितने साल की टैक्स छूट मिलती है?
कंपनी अपनी पहली दस साल की अवधि में से किन्हीं लगातार तीन सालों के लिए यह छूट चुन सकती है।

2. क्या हर स्टार्टअप को यह छूट अपने आप मिल जाती है?
नहीं, इसके लिए DPIIT Recognition और अलग से 80-IAC आवेदन दोनों जरूरी हैं।

3. आवेदन की मंजूरी में कितना समय लगता है?
यह IMB की समीक्षा प्रक्रिया पर निर्भर करता है, आमतौर पर कुछ हफ्तों से कुछ महीनों तक का समय लग सकता है।

4. क्या GST में भी छूट मिलती है?
नहीं, धारा 80-IAC सिर्फ आयकर पर लागू होती है, GST अलग से देना होता है।

5. क्या आवेदन रिजेक्ट होने पर दोबारा कोशिश की जा सकती है?
हां, कमियां सुधारकर दोबारा आवेदन जमा किया जा सकता है, इस बारे में अधिक आधिकारिक जानकारी के लिए पोर्टल पर देखा जा सकता है।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। टैक्स से जुड़े मामलों में किसी योग्य CA या टैक्स सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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