HomeNational Headlines"ऐसा लगा जैसे दूसरा जन्म मिला हो": भीषण टर्बुलेंस से गुजरी एयर...

“ऐसा लगा जैसे दूसरा जन्म मिला हो”: भीषण टर्बुलेंस से गुजरी एयर इंडिया की उड़ान, यात्रियों ने सुनाई दिल दहला देने वाली आपबीती

फुकेत (थाईलैंड) से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान में आए भीषण टर्बुलेंस ने यात्रियों के लिए कुछ मिनटों को जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बना दिया। उड़ान के दौरान विमान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गया, जिससे विमान के भीतर अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री अपनी सीटों से उछलकर ऊपर जा टकराए, सामान केबिन से बाहर गिर पड़ा और कई लोग घायल हो गए।

इस भयावह घटना के बाद यात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें लगा मानो वे बच नहीं पाएंगे। कई यात्रियों ने इस घटना को “दूसरा जन्म” करार दिया। विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया, लेकिन इस घटना ने हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

अचानक शुरू हुआ भयावह झटकाएयर इंडिया

जानकारी के अनुसार एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान AI-2379 सामान्य रूप से अपनी यात्रा कर रही थी। उड़ान को लगभग डेढ़ घंटा हो चुका था और अधिकांश यात्री आराम कर रहे थे। तभी विमान अचानक अत्यधिक टर्बुलेंस की चपेट में आ गया।

कुछ ही सेकंड में विमान लगभग 300 फीट नीचे गिर गया। इस दौरान जिन यात्रियों ने सीट बेल्ट नहीं बांधी थी, वे अपनी सीटों से उछलकर विमान की छत और ओवरहेड लगेज बिन से जा टकराए। केबिन क्रू भी संतुलन खो बैठे और कई लोग फर्श पर गिर पड़े।

हमें लगा अब जान नहीं बचेगी”

घटना के बाद यात्रियों ने मीडिया से बातचीत में उस भयावह अनुभव को साझा किया। एक यात्री ने कहा, “ऐसा लगा जैसे हमारी जिंदगी खत्म होने वाली है। विमान अचानक नीचे गिरा और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।”

एक अन्य यात्री ने बताया कि उनकी मां के सिर में चोट लगी, जबकि उनकी बहन सीट से उछलकर ऊपर जा टकराईं। कई यात्रियों के मोबाइल फोन और अन्य सामान हवा में उड़ गए। कुछ लोगों के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं।

एक यात्री ने भावुक होकर कहा, “यह हमारे लिए पुनर्जन्म जैसा था। जब विमान सुरक्षित उतरा, तब जाकर लगा कि हम सचमुच बच गए हैं।”

कई यात्री और क्रू सदस्य घायल

इस घटना में कम से कम 17 लोग घायल हुए, जिनमें कई यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य शामिल थे। विमान के दिल्ली पहुंचते ही चिकित्सा दल पहले से मौजूद थे और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

कुछ घायलों को गुरुग्राम स्थित अस्पतालों और दिल्ली के विशेष चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। अधिकांश यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ का इलाज अभी भी जारी है।

विमान सुरक्षित उतरा

भारी टर्बुलेंस के बावजूद विमान के पायलटों ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा।

एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा कि उड़ान के दौरान “क्षणिक ऊंचाई परिवर्तन” हुआ था, जिसके कारण कुछ यात्रियों और चालक दल के सदस्य घायल हुए। एयरलाइन ने कहा कि सभी प्रभावित यात्रियों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

DGCA ने शुरू की जांच

घटना के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) अपने कब्जे में लेकर जांच प्रारंभ कर दी है।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि विमान में आया टर्बुलेंस सामान्य मौसम संबंधी था या उसके पीछे कोई अन्य तकनीकी या परिचालन कारण था। DGCA ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।

आखिर क्या होता है टर्बुलेंस?

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार टर्बुलेंस वातावरण में वायु प्रवाह के अचानक बदलने से उत्पन्न होता है। यह सामान्य मौसम, बादलों, आंधी-तूफान या क्लियर एयर टर्बुलेंस (CAT) के कारण भी हो सकता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि क्लियर एयर टर्बुलेंस सबसे खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसे मौसम रडार पर आसानी से नहीं देखा जा सकता। कई बार विमान पूरी तरह साफ आसमान में उड़ रहा होता है, लेकिन अचानक तेज वायु धाराओं के कारण झटके महसूस होने लगते हैं।

सीट बेल्ट की अहमियत फिर आई सामने

इस घटना ने एक बार फिर विमान में सीट बेल्ट बांधकर रखने के महत्व को रेखांकित किया है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश गंभीर चोटें उन यात्रियों को लगीं जिन्होंने सीट बेल्ट नहीं पहन रखी थी।

जब विमान अचानक नीचे गिरा, तो बिना सीट बेल्ट वाले यात्री हवा में उछलकर छत से टकरा गए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीट पर बैठे रहने के दौरान हमेशा सीट बेल्ट हल्के रूप से बांधकर रखनी चाहिए, भले ही सीट बेल्ट संकेत बंद क्यों न हो।

यात्रियों पर मानसिक असर

घटना के बाद कई यात्रियों ने बताया कि वे अभी भी सदमे में हैं। कुछ लोग विमान से उतरने के बाद रो पड़े, जबकि कई यात्रियों ने कहा कि वे भविष्य में उड़ान भरने से पहले काफी सोचेंगे।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कई यात्रियों में अस्थायी मानसिक तनाव और उड़ान का डर (Flight Anxiety) पैदा कर सकती हैं।

आगे और समाचार पढ़े:

एयर इंडिया का बयान

एयर इंडिया ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने घायलों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने की बात कही।

एयरलाइन ने कहा कि मौसम संबंधी अप्रत्याशित परिस्थितियां कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन प्रशिक्षित पायलट और चालक दल ने स्थिति को सफलतापूर्वक संभाला और विमान सुरक्षित उतारा।

निष्कर्ष

फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान में आया भीषण टर्बुलेंस यात्रियों के लिए जीवन का सबसे भयावह अनुभव बन गया। अचानक 300 फीट नीचे आए विमान में कई लोग घायल हुए, लेकिन पायलटों की सूझबूझ और चालक दल की तत्परता से विमान सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया।

इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि हवाई यात्रा भले ही दुनिया के सबसे सुरक्षित परिवहन साधनों में से एक हो, लेकिन अप्रत्याशित मौसमीय परिस्थितियों के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करना हर यात्री के लिए अत्यंत आवश्यक है। DGCA की जांच पूरी होने के बाद इस घटना के वास्तविक कारणों पर और अधिक स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।

WhatsApp Group
Join Now
PandeyAbhishek
PandeyAbhishek
Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular