जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर सीमा पार से संदिग्ध गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के निकट अग्रिम गांवों के ऊपर एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
इसी दौरान पुंछ जिले में भी आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है, जहां सुरक्षा बल संदिग्ध आतंकियों की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इन घटनाओं के बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है तथा जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जम्मू -कश्मीर के कठुआ में ड्रोन दिखने से मची हलचल
अधिकारियों के अनुसार मंगलवार देर शाम सेना के जवानों ने कठुआ जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे अग्रिम गांवों के ऊपर एक संदिग्ध ड्रोन को मंडराते हुए देखा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ड्रोन कुछ समय तक भारतीय क्षेत्र के ऊपर सक्रिय रहा, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी।
ड्रोन की सूचना मिलते ही सेना, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने आसपास के खेतों, जंगलों और संवेदनशील इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं ड्रोन के माध्यम से हथियार, गोला-बारूद, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामग्री तो नहीं गिराई गई।
पुंछ में आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान
कठुआ में ड्रोन देखे जाने के साथ-साथ पुंछ जिले में भी सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज कर दिया है। सेना और पुलिस की संयुक्त टीमें जंगलों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।
सूत्रों के अनुसार हालिया खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह आशंका जताई गई है कि कुछ आतंकी समूह नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सक्रिय हो सकते हैं। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां संभावित घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए व्यापक अभियान चला रही हैं।
सीमा के पास मिला बिना फटा मोर्टार शेल
सुरक्षा एजेंसियों को अभियान के दौरान सीमा के निकट एक बिना फटा मोर्टार शेल भी मिला है। बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर बुलाया गया और क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया गया।
हालांकि अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि मोर्टार शेल पुराना था या हाल की किसी गतिविधि से जुड़ा हुआ था। इसकी जांच की जा रही है और फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं।
लगातार बढ़ रही ड्रोन गतिविधियां
पिछले कुछ महीनों में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ड्रोन का उपयोग हथियार, विस्फोटक, नशीले पदार्थ या संचार उपकरण गिराने तथा भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए किया जा सकता है।
इससे पहले राजौरी, सांबा, पुंछ और कठुआ जैसे जिलों में भी कई बार ड्रोन गतिविधियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाए थे।
जम्मू -कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की गई और मजबूत
ताजा घटनाओं के बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सेना और बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा तथा नियंत्रण रेखा पर निगरानी बढ़ा दी है।
रात्रि गश्त, थर्मल इमेजिंग उपकरण, ड्रोन रोधी प्रणाली और आधुनिक निगरानी उपकरणों का उपयोग बढ़ाया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ की कोशिश को समय रहते विफल किया जा सके।
स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने सीमावर्ती गांवों के निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी को कोई संदिग्ध वस्तु, उड़ने वाला उपकरण या अपरिचित व्यक्ति दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या सुरक्षा एजेंसियों को दी जाए।
लोगों से यह भी कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं क्योंकि वह विस्फोटक या खतरनाक सामग्री हो सकती है।
सीमा पार से चुनौतियां
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन तकनीक का उपयोग सीमा पार से गैर-पारंपरिक तरीकों से घुसपैठ और तस्करी के लिए लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई मामलों में ड्रोन के माध्यम से हथियार और नशीले पदार्थ गिराए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन की कम ऊंचाई पर उड़ान, छोटे आकार और सीमित रडार सिग्नेचर के कारण इनका पता लगाना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी कारण भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार एंटी-ड्रोन तकनीक को मजबूत कर रही हैं।
खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय
ड्रोन देखे जाने की घटना के बाद केंद्रीय और राज्य स्तर की खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। ड्रोन के संभावित मार्ग, उड़ान अवधि और उद्देश्य की जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली और अन्य तकनीकी माध्यमों से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रोन किस दिशा से आया और क्या उसने भारतीय क्षेत्र में कोई गतिविधि की।
भारत-पाक सीमा पर बढ़ी सतर्कता
हाल के दिनों में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से अधिक सतर्क हैं। सीमा पार से ड्रोन, घुसपैठ और हथियारों की तस्करी की कोशिशों को रोकने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी निगरानी और मानवीय खुफिया तंत्र के संयुक्त उपयोग से ऐसी घटनाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।
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जांच जारी
फिलहाल कठुआ और पुंछ दोनों क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक किसी बड़ी बरामदगी या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरे इलाके की पूरी तरह जांच नहीं हो जाती।
अधिकारियों ने कहा है कि सीमा की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
कठुआ में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने और पुंछ में तेज किए गए आतंकवाद विरोधी अभियान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों को उजागर किया है। भारतीय सेना, बीएसएफ और पुलिस पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए हैं। व्यापक तलाशी अभियान, बढ़ी निगरानी और हाई अलर्ट की स्थिति यह दर्शाती है कि सीमा पार से किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रोन की गतिविधि का वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके पीछे किसी बड़े षड्यंत्र की आशंका थी।

