HomeNational Headlinesकेरल में मूसलाधार बारिश का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से 7 लोगों...

केरल में मूसलाधार बारिश का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से 7 लोगों की मौत, कई जिलों में रेड अलर्ट

दक्षिण भारत का राज्य केरल एक बार फिर भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में है। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं और अनेक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हो गया है। राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

केरल में लगातार बारिश से बिगड़े हालातकेरल

पिछले कई दिनों से केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जा रही है। बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे हजारों लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया।

सबसे अधिक प्रभावित जिलों में वायनाड, इडुक्की, कोट्टायम, एर्नाकुलम, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम, कोझिकोड और कन्नूर शामिल हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण मिट्टी खिसकने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है।

सात लोगों की मौत

राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक सात लोगों की मृत्यु हो चुकी है। कुछ लोगों की मौत मकान ढहने से हुई, जबकि कुछ तेज बहाव में बह गए। कई स्थानों पर राहत दल अब भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

केरल में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान

तेज बारिश के कारण सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह सड़कें धंस गई हैं और पुलों पर पानी चढ़ जाने से यातायात रोकना पड़ा है। बिजली के खंभे गिरने और पेड़ उखड़ने के कारण अनेक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है।

कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। धान, मसाले, रबर और अन्य फसलों के खेत जलमग्न हो गए हैं। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है।

राहत एवं बचाव अभियान जारी

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य पुलिस, अग्निशमन विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं।

फंसे हुए लोगों को नावों और विशेष वाहनों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

कई स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय लोग भी राहत कार्यों में प्रशासन की सहायता कर रहे हैं।

मौसम विभाग का रेड अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों तक अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट, जबकि अन्य जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रहेगा। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

नदियां खतरे के निशान के करीब

लगातार वर्षा के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कुछ जलाशयों के गेट भी खोले गए हैं ताकि अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सके।

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को पहले ही राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा चुका है।

केरल में स्कूल-कॉलेज बंद

भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कुछ विश्वविद्यालयों ने परीक्षाएं भी स्थगित कर दी हैं।

सरकारी कार्यालयों में भी आवश्यक सेवाओं को छोड़कर कई गतिविधियों पर असर पड़ा है। कई निजी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी है।

परिवहन व्यवस्था प्रभावित

राज्य के कई हिस्सों में सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जलभराव और भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई प्रमुख सड़कें बंद करनी पड़ी हैं।

रेलवे प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कुछ रेल सेवाओं के समय में बदलाव किया गया है, जबकि हवाई सेवाओं पर भी मौसम का असर देखने को मिला।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। राहत शिविरों में चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं।

लोगों से केवल स्वच्छ या उबला हुआ पानी पीने, भोजन को ढंककर रखने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक दवाइयों और टीकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की है।

आगे और समाचार पढ़े:

मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा की स्थिति की समीक्षा की और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जाए

निष्कर्ष

केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर राज्य को गंभीर प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पहुंचा दिया है। बाढ़ और भूस्खलन से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार, NDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी क्षमता से जुटे हुए हैं। मौसम विभाग ने अभी और बारिश की चेतावनी दी है, ऐसे में आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि राहत कार्यों के साथ-साथ दीर्घकालिक आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की प्रभावी रणनीति ही भविष्य में ऐसी त्रासदियों के प्रभाव को कम कर सकती है।

WhatsApp Group
Join Now
PandeyAbhishek
PandeyAbhishek
Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular