Aadhaar Enabled Payment System गांव और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले उन लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत है, जिनके पास न तो डेबिट कार्ड है और न ही नजदीक में कोई बैंक शाखा। सिर्फ अपने आधार नंबर और उंगली के निशान से पैसे निकालना, जमा करना या बैलेंस चेक करना अब किसी जादू से कम नहीं लगता।
सबसे खास बात यह है कि इसके लिए न पिन याद रखना पड़ता है, न OTP का इंतजार करना पड़ता है। आइए इस सुविधा की पूरी जानकारी, इस्तेमाल का तरीका और जरूरी बातें विस्तार से समझते हैं।
Aadhaar Enabled Payment System क्या है?
Aadhaar Enabled Payment System यानी AePS नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का बैंक-आधारित मॉडल है, जो आधार प्रमाणीकरण के जरिए बुनियादी बैंकिंग लेनदेन की सुविधा देता है। इसे किसी भी बैंक के बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) के जरिए माइक्रो-ATM पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे ग्राहक को शाखा जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहक का बैंक खाता आधार नंबर से जुड़ा होना जरूरी है, जिसे आधार सक्षम बैंक खाता (AEBA) कहा जाता है। लेनदेन के लिए उंगली या आंख की पुतली के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन होता है, जिससे किसी और के लिए लेनदेन करना लगभग असंभव हो जाता है।
Aadhaar Enabled Payment System से मिलने वाली सुविधाएं
Aadhaar Enabled Payment System के जरिए ग्राहक नकद जमा, नकद निकासी, बैलेंस पूछताछ, मिनी स्टेटमेंट, फंड ट्रांसफर और आधार टू आधार पेमेंट जैसे छह तरह के लेनदेन कर सकते हैं। इसके लिए किसी हस्ताक्षर, पिन या डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं होती। एक बार में अधिकतम 10,000 रुपये तक की नकद निकासी की जा सकती है। अगर किसी ग्राहक के एक ही बैंक में कई खाते हैं, तो AePS केवल आधार से जुड़े प्राइमरी खाते पर ही काम करता है।
Aadhaar Enabled Payment System का इस्तेमाल कैसे करें
Aadhaar Enabled Payment System का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहक को नजदीकी बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या माइक्रो-ATM सुविधा वाली दुकान पर जाना होता है। वहां ग्राहक अपना आधार नंबर बताता है और अपना बैंक चुनता है।
इसके बाद फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन होता है, जिसे UIDAI वेरिफाई करता है। सत्यापन पूरा होते ही ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से नकद निकासी, जमा या बैलेंस पूछताछ जैसी सेवा चुन सकता है, और लेनदेन पूरा होने पर तुरंत प्रिंटेड रसीद मिल जाती है।

Aadhaar Enabled Payment System के फायदे
Aadhaar Enabled Payment System का सबसे बड़ा फायदा वित्तीय समावेशन है, जिन लोगों की पहुंच पारंपरिक बैंकिंग सेवाओं तक नहीं थी, अब वे भी आसानी से लेनदेन कर पा रहे हैं। इसके लिए ग्राहकों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता, हालांकि NPCI बैंकों के बीच सेटलमेंट के लिए 15 से 25 पैसे तक का शुल्क लेता है।
देश भर में 4 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक मित्र, किराना दुकानें और चुनिंदा डाकघर इस सुविधा को उपलब्ध कराते हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों तक बैंकिंग की पहुंच काफी आसान हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: Aadhaar Enabled Payment System की पूरी जानकारी कहां मिलेगी?
जवाब: AePS से जुड़ी आधिकारिक जानकारी NPCI की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
सवाल: एक बार में अधिकतम कितनी नकद निकासी हो सकती है?
जवाब: AePS के जरिए एक बार में अधिकतम 10,000 रुपये तक की नकद निकासी की जा सकती है।
सवाल: क्या इस सुविधा के लिए डेबिट कार्ड जरूरी है?
जवाब: नहीं, AePS में डेबिट कार्ड, पिन या हस्ताक्षर की कोई जरूरत नहीं होती, सिर्फ आधार नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन से काम हो जाता है।
सवाल: कहां-कहां इस सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है?
जवाब: कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक मित्र, किराना दुकानें और चुनिंदा डाकघरों में माइक्रो-ATM के जरिए इस सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सवाल: क्या कई बैंक खातों में से किसी भी खाते से लेनदेन हो सकता है?
जवाब: नहीं, अगर आधार से कई खाते जुड़े हैं तो AePS केवल प्राइमरी खाते पर ही काम करता है।
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।
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