जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश की है। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम (Kellam) क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम आतंकियों ने एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमलावरों ने कथित तौर पर मजदूरों की पहचान और नाम पूछने के बाद उन पर गोलियां चलाईं। इस हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए गए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हमलावरों की तलाश में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह नौ दिनों के भीतर दूसरा टारगेट अटैक माना जा रहा है, जिसने प्रवासी मजदूरों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी।
कुलगाम के ईंट भट्ठे पर हुआ हमला
पुलिस के अनुसार घटना कुलगाम जिले के केलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर हुई, जहां कई बाहरी राज्यों के मजदूर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दो हथियारबंद आतंकी अचानक वहां पहुंचे। उन्होंने मजदूरों से बातचीत की और कथित तौर पर उनकी पहचान पूछी। इसके बाद दोनों मजदूरों पर नजदीक से गोलियां चला दीं।
गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अन्य मजदूरों ने तुरंत पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल दोनों मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया, जहां एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतक छत्तीसगढ़ के निवासी
अधिकारियों ने बताया कि हमले में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और रोजगार के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर आए हुए थे। वे पिछले कुछ समय से ईंट-भट्ठे पर कार्यरत थे। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।
स्थानीय प्रशासन मृतकों के शव उनके गृह राज्य भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। साथ ही अन्य प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
कुलगाम में पूरे इलाके की घेराबंदी
हमले की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया। घटनास्थल के आसपास तलाशी अभियान शुरू किया गया और संदिग्ध आतंकियों की तलाश के लिए अतिरिक्त जवान तैनात किए गए।
सुरक्षा एजेंसियां आसपास के जंगलों और संभावित भागने के रास्तों की भी तलाशी ले रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
उपराज्यपाल ने की निंदा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाना कायरतापूर्ण हरकत है।
उपराज्यपाल ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार या निष्प्रभावी किया जाए। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया।
पहलगाम हमले की याद ताजा
इस घटना के बाद कई लोगों ने इसे पिछले वर्ष हुए पहलगाम आतंकी हमले जैसी रणनीति से जोड़कर देखा, जिसमें आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। हालांकि दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन नागरिकों की पहचान के आधार पर हमला किए जाने की खबरों ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमलों का उद्देश्य आम नागरिकों और विशेष रूप से बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों में डर पैदा करना होता है ताकि क्षेत्र में अस्थिरता का वातावरण बनाया जा सके।
प्रवासी मजदूरों में बढ़ी चिंता
कश्मीर में निर्माण, कृषि और ईंट-भट्ठों से जुड़े हजारों प्रवासी मजदूर विभिन्न राज्यों से आकर काम करते हैं। कुलगाम की घटना के बाद इनमें चिंता बढ़ गई है। कई मजदूरों ने प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य कश्मीर की शांति और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और प्रवासी मजदूरों के ठिकानों की सुरक्षा मजबूत की जा रही है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से हमलावरों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
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आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए हैं, लेकिन बीच-बीच में इस तरह के टारगेट अटैक यह संकेत देते हैं कि आतंकी संगठन अभी भी माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिकों, विशेषकर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी प्राथमिकताओं में रहेगा।
निष्कर्ष
कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। छत्तीसगढ़ के दो निर्दोष मजदूरों पर किया गया यह हमला न केवल मानवता पर हमला है, बल्कि क्षेत्र में भय और अस्थिरता फैलाने की कोशिश भी है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और सरकार ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि हमले के जिम्मेदार आतंकियों को कब तक पकड़कर कानून के कठघरे में लाया जाता है।

