HomeBusinessS Corporation क्या है? जानें टैक्स नियम, फायदे और पात्रता

S Corporation क्या है? जानें टैक्स नियम, फायदे और पात्रता

S Corporation अमेरिका में बिजनेस चलाने वालों के बीच एक बेहद लोकप्रिय टैक्स स्ट्रक्चर है, फिर भी भारतीय उद्यमियों को अक्सर यह भ्रामक लगता है, क्योंकि भारत में इस तरह का कोई सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। जो भारतीय स्टार्टअप अमेरिका में कंपनी बनाने या अमेरिका में सेवाएं देने के बारे में सोच रहे हैं, उनके लिए इस स्ट्रक्चर को समझना जरूरी हो जाता है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

S Corporation क्या है

यह अमेरिका के इंटरनल रेवेन्यू कोड के सबचैप्टर S के तहत मिलने वाला एक खास टैक्स स्टेटस है, न कि कोई अलग कानूनी बिजनेस संरचना। इसका मतलब है कि कोई कंपनी पहले सामान्य C Corporation या LLC के तौर पर रजिस्टर होती है, और फिर IRS के पास फॉर्म 2553 भरकर S Corporation का दर्जा चुनती है।

S Corporation की पात्रता और नियम

इसके लिए कंपनी के पास ज्यादा से ज्यादा एक सौ शेयरधारक हो सकते हैं, और सभी शेयरधारक अमेरिकी नागरिक या निवासी होने चाहिए, यानी कोई भी नॉन-रेजिडेंट एलियन इसका शेयरधारक नहीं हो सकता। इसके अलावा कंपनी के पास सिर्फ एक ही क्लास के शेयर होने चाहिए, यानी अलग-अलग तरह के वोटिंग या डिविडेंड अधिकार वाले शेयर यहां मान्य नहीं होते।

S Corporation के फायदे

सबसे बड़ा फायदा पास-थ्रू टैक्सेशन है, यानी कंपनी खुद कोई फेडरल इनकम टैक्स नहीं चुकाती, बल्कि सारा मुनाफा सीधे शेयरधारकों की निजी टैक्स रिटर्न में जाकर टैक्स होता है। इससे C Corporation जैसी डबल टैक्सेशन की समस्या नहीं होती, जहां कंपनी के मुनाफे पर पहले कॉर्पोरेट टैक्स और फिर डिविडेंड पर दोबारा टैक्स लगता है। इसके साथ ही मालिक अपनी उचित सैलरी पर ही सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट टैक्स चुकाते हैं, जबकि बाकी मुनाफा डिस्ट्रीब्यूशन के तौर पर उस टैक्स से बच जाता है, जिससे काफी बचत हो सकती है।

S Corp बनाम C Corp

C Corporation पर पहले कॉर्पोरेट स्तर पर टैक्स लगता है और फिर शेयरधारकों को मिलने वाले डिविडेंड पर दोबारा टैक्स लगता है, जबकि S Corporation में यह टैक्स सिर्फ एक बार शेयरधारक स्तर पर लगता है। दूसरी तरफ, C Corporation में शेयरधारकों की संख्या और नागरिकता पर कोई पाबंदी नहीं होती, इसलिए वेंचर कैपिटल फंडिंग लेने वाली कंपनियां अक्सर C Corporation ढांचा ही चुनती हैं।

भारत में कंपनी के प्रकार और उनकी विशेषताओं को समझने के लिए हमारी Corporation गाइड भी पढ़ी जा सकती है, जो भारतीय संदर्भ में इसी तरह के विषय को कवर करती है।

भारतीय उद्यमियों के लिए यह कब उपयोगी है

जो भारतीय उद्यमी अमेरिका में अकेले या भारतीय पार्टनरों के साथ बिजनेस चला रहे हैं, उनके लिए यह स्ट्रक्चर उपयोगी हो सकता है, बशर्ते सभी शेयरधारक अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक हों। भारत में बिजनेस शुरू करने वालों के लिए सही कानूनी ढांचा तय करना भी उतना ही जरूरी है, इसके लिए हमारी Incorporation गाइड मददगार साबित हो सकती है। अलग-अलग बिजनेस स्ट्रक्चर की तुलना समझने के लिए हमारी LLP vs Pvt Ltd गाइड भी पढ़ी जा सकती है।

S Corporation से जुड़ी सलाह लेता उद्यमी वीडियो कॉल पर
एक उद्यमी S Corporation से जुड़ी सलाह के लिए वीडियो कॉल पर सलाहकार से बात करते हुए

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल: क्या कोई भारतीय नागरिक S Corporation का शेयरधारक बन सकता है?
नहीं, नॉन-रेजिडेंट एलियन S Corporation का शेयरधारक नहीं बन सकता, केवल अमेरिकी नागरिक या रेजिडेंट ही इसके शेयरधारक हो सकते हैं।

सवाल: क्या S Corporation और LLC एक ही चीज़ हैं?
नहीं, LLC एक कानूनी बिजनेस संरचना है, जबकि S Corporation सिर्फ एक टैक्स स्टेटस है, जिसे LLC या C Corporation चुन सकते हैं।

सवाल: S Corporation का दर्जा कब खत्म हो सकता है?
अगर शेयरधारकों की संख्या सौ से ज्यादा हो जाए या कोई अयोग्य शेयरधारक जुड़ जाए, तो यह दर्जा अपने आप खत्म होकर कंपनी सामान्य C Corporation बन जाती है।

सवाल: S Corporation से जुड़ी आधिकारिक जानकारी कहां मिल सकती है?
इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए Wikipedia का यह पेज एक भरोसेमंद अतिरिक्त स्रोत है।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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