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जंतर-मंतर से आंदोलन के निशान मिटे: सफाई अभियान में हटाए गए पोस्टर, बैनर और टनों कचरा, सामान्य हुआ इलाका

राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक विरोध-प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद अब पूरे इलाके को सामान्य स्थिति में लाने के लिए व्यापक सफाई और पुनर्स्थापन अभियान चलाया गया। नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने जंतर-मंतर और उसके आसपास के क्षेत्रों से आंदोलन के दौरान लगाए गए पोस्टर, बैनर, अस्थायी ढांचे, दीवारों पर लिखे गए नारे और बड़ी मात्रा में जमा कचरे को हटाया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया और इलाके को फिर से व्यवस्थित करने का कार्य युद्धस्तर पर किया गया।

यह अभियान उस समय शुरू किया गया जब CJP (Cockroach Janta Party) ने सरकार के साथ बातचीत के बाद अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारियों के हटने के तुरंत बाद नगर परिषद की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सफाई कार्य जारी रखा।

जंतर- मंतर पर बड़े पैमाने पर सफाई अभियानजंतर मंतर

NDMC अधिकारियों के अनुसार, जंतर-मंतर परिसर और आसपास की सड़कों पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, बांस-बल्लियां, तिरपाल, पोस्टर, बैनर, निर्माण मलबा और अन्य ठोस अपशिष्ट जमा हो गया था। इन्हें हटाने के लिए 100 से अधिक सफाई कर्मचारियों, भारी ट्रकों, ऑटो-टिपरों, खुदाई मशीनों, मैकेनिकल रोड स्वीपर और प्रेशर जेटिंग मशीनों को लगाया गया।

नगर परिषद ने बताया कि पहले चरण में लगभग 40 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया, जबकि अगले चरण में शेष मलबा और अपशिष्ट साफ किया गया। पूरे अभियान के दौरान सार्वजनिक स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।

जंतर -मंतर के दीवारों से हटे नारे और पोस्टर

सफाई अभियान के तहत केवल कचरा हटाने तक ही कार्य सीमित नहीं रहा। जंतर-मंतर और आसपास की सार्वजनिक दीवारों पर लिखे गए नारे, पोस्टर और पेंटिंग भी हटाई गईं। सफाई कर्मियों ने विशेष उपकरणों और उच्च दबाव वाले पानी की मदद से दीवारों को साफ किया।

इसके अलावा, फुटपाथों, सड़क किनारे लगे बैरिकेड, रेलिंग और सार्वजनिक स्थलों की धुलाई की गई। कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त फुटपाथ और कर्ब स्टोन की मरम्मत भी शुरू की गई।

जंतर- मंतर सड़कों की धुलाई और स्वच्छता पर जोर

NDMC ने बताया कि सफाई के बाद सड़कों को प्रेशर जेटिंग मशीनों से धोया गया ताकि धूल, मिट्टी और अन्य अवशेष पूरी तरह हटाए जा सकें। मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनों की मदद से मुख्य मार्गों की सफाई की गई, जबकि हाथ से सफाई करने वाली टीमों ने छोटी गलियों और पैदल मार्गों को साफ किया।

अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को पहले जैसी स्थिति में वापस लाना था।

जंतर -मंतर आंदोलन की पृष्ठभूमि

जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से CJP द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा सुधारों और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। आंदोलन के दौरान हजारों लोग यहां पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में अस्थायी शिविर, मंच और अन्य व्यवस्थाएं बनाई गई थीं।

बाद में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। इसके तुरंत बाद नगर परिषद ने सफाई अभियान शुरू कर दिया।

प्रशासन का कहना—जनस्थलों की स्वच्छता जरूरी

NDMC अधिकारियों ने कहा कि जंतर-मंतर लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण स्थल है, लेकिन किसी भी सार्वजनिक स्थान को लंबे समय तक अव्यवस्थित नहीं छोड़ा जा सकता। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सफाई और पुनर्स्थापन प्रशासन की नियमित जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया गया और जहां आवश्यकता थी, वहां मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।

सामान्य होने लगी आवाजाही

सफाई अभियान के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात सामान्य होने लगा। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए बैरिकेड हटाए गए और कई बंद मार्गों को दोबारा खोल दिया गया। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली क्योंकि क्षेत्र में सामान्य गतिविधियां फिर शुरू हो गईं।

व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय तक चले आंदोलन के कारण कारोबार प्रभावित हुआ था, लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।

लोकतंत्र और सार्वजनिक जिम्मेदारी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जंतर-मंतर भारत में लोकतांत्रिक विरोध का प्रतीक रहा है। यहां समय-समय पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किए हैं। ऐसे में आंदोलन समाप्त होने के बाद सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

कुछ सामाजिक संगठनों ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में बड़े आंदोलनों के दौरान कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए पहले से स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाने चाहिए।

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प्रशासन की आगे की योजना

NDMC ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र की निगरानी जारी रहेगी। सफाई के साथ-साथ पौधों की देखभाल, सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत और आवश्यक रखरखाव का कार्य भी किया जाएगा ताकि जंतर-मंतर पूरी तरह सामान्य स्वरूप में लौट सके।

निष्कर्ष

कई दिनों तक चले आंदोलन के बाद जंतर-मंतर अब फिर से सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है। NDMC द्वारा चलाए गए व्यापक सफाई अभियान में लगभग 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया, पोस्टर और नारे साफ किए गए तथा सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की मरम्मत शुरू की गई।

प्रशासन का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान करते हुए सार्वजनिक संपत्ति की स्वच्छता और संरक्षण सुनिश्चित करना भी समान रूप से आवश्यक है। सफाई अभियान के बाद जंतर-मंतर एक बार फिर अपने सामान्य स्वरूप में दिखाई देने लगा है, जबकि आंदोलन से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा अभी भी जारी है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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