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गाजियाबाद के मोदीनगर में निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरा, मलबे में दबकर एक मजदूर की मौत और 5 घायल

सुबह-सुबह हुआ दर्दनाक हादसा, इलाके में मची अफरा-तफरी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां निर्माणाधीन मकान का लिंटर डालने के दौरान अचानक शटरिंग भरभराकर गिर गई। इस हादसे में काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

सीकरी खुर्द गांव में हुआ हादसागाजियाबाद

जानकारी के अनुसार, यह हादसा मोदीनगर के सीकरी खुर्द गांव में कलछीना मार्ग पर हुआ। गांव निवासी सत्ते कुमार अपने मकान का निर्माण करवा रहे थे। मकान में पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था। लिंटर डालने के लिए छत के नीचे शटरिंग और लोहे की बल्लियां लगाई गई थीं। इस काम में एक दर्जन से अधिक मजदूर लगाए गए थे।

शनिवार सुबह मजदूर मकान पर लिंटर डालने के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक शटरिंग की एक बल्ली टूट गई। देखते ही देखते पूरा ढांचा नीचे की ओर गिर पड़ा। इसके साथ ही निर्माणाधीन छत का मलबा भी नीचे आ गिरा। उस समय वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और मलबे के नीचे दब गए।

तेज आवाज के साथ गिरा पूरा ढांचा

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, शटरिंग गिरने के दौरान जोरदार आवाज हुई। आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर धूल का गुबार छा गया और कुछ देर तक लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।

जब ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो कई मजदूर मलबे के नीचे दबे हुए थे। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की। शुरुआती प्रयास में कुछ मजदूरों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।

एक मजदूर की मौत, पांच घायल

इस हादसे में फरीदनगर निवासी कैलाश उर्फ छोटू की जान चली गई। बताया जा रहा है कि हादसे में कुल छह मजदूर मलबे की चपेट में आए थे। इनमें एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।

घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए गाजियाबाद रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, घायलों के परिजन भी अस्पतालों में अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।

पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे की सूचना मिलते ही मोदीनगर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए NDRF की टीम को भी बुलाया गया। बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया।

मलबे में लोहे की सरिया और निर्माण सामग्री फंसी होने के कारण बचाव कार्य में काफी सावधानी बरतनी पड़ी। टीमों ने आपसी समन्वय के साथ मलबा हटाया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। मौके पर एसडीएम, एसीपी मोदीनगर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे तथा राहत कार्यों की निगरानी की।

मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने लगाया जाम

हादसे में मजदूर की मौत और अन्य लोगों के घायल होने के बाद परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। मृतक और घायलों के परिजन दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने पहुंच गए। उन्होंने आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया।

परिजनों का कहना था कि हादसे में गरीब मजदूरों की जान गई है और घायलों के इलाज का खर्च उठाना उनके लिए बेहद मुश्किल है। ऐसे में पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी बातचीत के बाद जाम खुलवाया गया।

निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मोदीनगर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मकान का लिंटर डालना निर्माण कार्य का बेहद महत्वपूर्ण और जोखिम भरा चरण होता है। इस दौरान शटरिंग, बल्लियों और अन्य सहायक ढांचे की मजबूती का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।

यदि शटरिंग कमजोर हो या निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न किया जाए तो इस तरह के हादसे हो सकते हैं। हालांकि, मोदीनगर की घटना में शटरिंग गिरने की वास्तविक वजह क्या रही, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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हादसे की जांच और कार्रवाई का इंतजार

इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई जा रही है।

फिलहाल इस हादसे ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया है और कई परिवारों को मुश्किल में डाल दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यह घटना निर्माण कार्यों में लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी के गंभीर परिणामों की याद दिलाती है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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