/ Jan 04, 2026
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UTTARAKHAND MALTA MAHOTSAV 2026: देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित राजकीय उद्यान सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखंड माल्टा महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ किया। इस खास मौके पर सीएम ने राज्य के किसानों और बागवानों के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए ‘माल्टा मिशन’ शुरू करने की घोषणा की। जिस तरह राज्य में सेब और कीवी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मिशन चलाए जा रहे हैं, ठीक उसी तर्ज पर अब माल्टा के लिए भी मिशन मोड में काम किया जाएगा। सीएम ने अपनी धर्मपत्नी के साथ महोत्सव में लगे स्टॉलों का निरीक्षण किया और माल्टा व नींबू प्रजाति के फलों से बने उत्पादों का स्वाद भी लिया।

सीएम धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि माल्टा केवल एक फल नहीं, बल्कि यह हमारी पहाड़ी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। अब तक इसे वो बाजार नहीं मिल पाया जिसका यह हकदार था। सरकार उत्तराखंड के माल्टा की ब्रांडिंग राष्ट्रीय स्तर पर करने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में भी ‘उत्तराखंड माल्टा महोत्सव’ का आयोजन करेगी, ताकि देश-विदेश के लोग इसके स्वाद और गुणों से परिचित हो सकें। इसके अलावा, राज्य के हर जनपद में भी ऐसे महोत्सव आयोजित किए जाएंगे ताकि स्थानीय किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जा सके और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके।

सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार ने माल्टा और गलगल (बड़ा नींबू) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर दिया है, जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल सकेगा। सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए दिल खोलकर मदद कर रही है। नए बागान लगाने पर सरकार 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। वहीं, पहाड़ों में पानी की समस्या को देखते हुए सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) पर 70 से 80 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, अगर कोई किसान फलों के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) की यूनिट लगाता है, तो उसे 60 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पहाड़ से हो रहे पलायन को रोकने और युवाओं को रोजगार देने में ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। जब गांव में ही खेती और बागवानी से अच्छी कमाई होगी, तो युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने सेलाकुई में स्थापित सुगंधित पौधों के केंद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘महक क्रांति’ के तहत एरोमा खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के अलग-अलग क्लस्टर बनाए जाएं, ताकि उत्पादन और मार्केटिंग को एक साथ मजबूत किया जा सके।

महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल से आए एक प्रगतिशील किसान हरीश के प्रयासों की जमकर तारीफ की। हरीश ने माल्टा और नींबू प्रजाति की 53 किस्मों के करीब एक हजार पौधे लगाए हैं और वे इस साल 200 और नए पौधे लगाने की तैयारी में हैं। मुख्यमंत्री ने मंच से अन्य किसानों से अपील की कि वे भी हरीश जैसे किसानों से प्रेरणा लें और बागवानी के क्षेत्र में आगे आएं। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने भी कहा कि आने वाले पांच सालों में उत्तराखंड औद्योगिकी और बागवानी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल और विधायक सविता कपूर भी मौजूद रहीं।

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