UKSSSC PAPER LEAK: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्रेजुएट लेवल परीक्षा, जो 21 सितंबर 2025 को हुई थी, पेपर लीक विवाद में घिर गई है। सोशल मीडिया पर परीक्षा के पन्ने वायरल होने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। आयोग ने देहरादून एसएसपी और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से तत्काल जांच की मांग की है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है। बेरोजगार युवाओं का संघ ने आरोप लगाया है कि पेपर लीक हरिद्वार सेंटर से हुआ।

UKSSSC PAPER LEAK: प्रशासन ने धारा 163 लगाई
इसको लेकर 22 सितंबर को देहरादून में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। बेरोजगार संघ सचिवालय तक मार्च भी निकालेगा। संघ का कहना है कि यह लीक भर्ती प्रक्रिया की गोपनीयता पर सवाल उठाता है और इसके लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। प्रदर्शन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इस धारा के तहत देहरादून के 12 प्रमुख स्थानों पर 5 से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक लगा दी गई है। मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

गिरफ्तारियां और जांच
पुलिस ने इस मामले में पंकज गौर और हकम सिंह नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपये तक की मोटी रकम ऐंठी। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए थे, फिर भी पेपर के कुछ पेज बाहर आए। वहीं, आयोग ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है। पेपर लीक विवाद ने हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। उम्मीदवार परीक्षा रद्द करने और नई भर्ती की मांग कर रहे हैं। (UKSSSC PAPER LEAK)

कांग्रेस का प्रदर्शन और सरकार का दावा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण महरा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक माफिया पर रोक लगाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। कांग्रेस ने 22 सितंबर को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का ऐलान किया है और सरकार व आयोग का पुतला दहन करने की घोषणा की है। कांग्रेस का आरोप है कि आयोग ने जिस आउटसोर्सिंग एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी, वह अन्य राज्यों में पहले से ही ब्लैकलिस्टेड है। राज्य सरकार ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने भी दावा किया है कि आरोपी पहचान लिए गए हैं और उनके खिलाफ मजबूत सबूत इकट्ठे किए जा चुके हैं।
UKSSSC PAPER LEAK
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के अध्यक्ष गणेश शंकर मर्तोलिया ने पेपर लीक मामले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अब तक की जांच में प्रश्न पत्र से जुड़े तीन पन्ने बाहर आने की पुष्टि हुई है। हालांकि, शुरुआती स्तर पर इन पन्नों को पढ़ने योग्य नहीं पाया गया है। मर्तोलिया ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत मोबाइल जैमर लगाए गए थे, इसके बावजूद कुछ पन्नों का बाहर आ जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। इस पूरे मामले पर आयोग स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक जारी है, जिसमें विभिन्न पहलुओं की गहनता से समीक्षा की जा रही है।

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