/ Jan 05, 2026
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ANKITA BHANDARI MURDER CASE: अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल कथित ‘वीआईपी’ का नाम उजागर करने की मांग को लेकर रविवार को राजधानी देहरादून की सड़कें एक बार फिर जनाक्रोश से भर गईं। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। इस दौरान हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब को पुलिस ने हाथीबड़कला बैरिकेडिंग पर रोक दिया, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हुई।

आंदोलनकारियों ने आगामी 11 जनवरी को ‘उत्तराखंड बंद’ का बड़ा ऐलान कर दिया है। रविवार सुबह करीब 11 बजे परेड ग्राउंड में कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (UKD), कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), उत्तराखंड बेरोजगार संघ, उत्तराखंड मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति और गढ़वाल सभा महिला मंच समेत कई संगठनों के लोग एकत्रित हुए। यहां से एक विशाल रैली की शक्ल में भीड़ ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ना शुरू किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक संघर्ष चला। आगे न जाने देने पर गुस्साए लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए उन वीडियो और बयानों को लेकर था, जिनमें कथित तौर पर एक पूर्व विधायक की कथित पत्नी द्वारा कुछ ‘वीआईपी’ नेताओं के नाम लिए गए हैं। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि अंकिता की हत्या कोई साधारण अपराध नहीं था, बल्कि यह सत्ता के संरक्षण में पनपे अपराध तंत्र का नतीजा है। उनका कहना है कि सरकार शुरुआत से ही उस वीआईपी को बचाने की कोशिश कर रही है जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था। भीड़ की एक ही मांग थी- मामले की नए सिरे से सीबीआई जांच हो और संलिप्त वीआईपी को बेनकाब कर कठोरतम सजा दी जाए।

इस प्रदर्शन में महिलाओं और बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई। युवाओं में सरकार के प्रति खासा आक्रोश नजर आया। एक युवा अपने कंधे पर घड़ा (मटका) लेकर रैली में पहुंचा था, जिस पर सरकार विरोधी स्लोगन लिखे थे। बैरिकेडिंग पर रोके जाने के बाद उस युवक ने गुस्से में वह घड़ा सड़क पर फोड़ दिया, जो सरकार की ‘चुप्पी टूटने’ का प्रतीक बताया गया। वहीं, सड़क पर धरने पर बैठे लोगों ने गढ़वाली जनगीतों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। काफी देर तक सड़क पर गीत गाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया गया।

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