/ Jan 12, 2026
All rights reserved with Masterstroke Media Private Limited.
KASHIPUR FARMER SUICIDE: काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले ने पूरे उत्तराखंड में हड़कंप मचा दिया है। हल्द्वानी में जान देने से पहले किसान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने पुलिस और सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आ गया है। एसएसपी ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से थाना ITI के SO और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है, जबकि चौकी पैगा की पूरी टीम को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मृतक किसान ने आत्महत्या करने से पहले वीडियो में उन्होंने कहा कि वह सिस्टम से हारकर यह कदम उठा रहे हैं। आरोप है कि एक गिरोह ने उनके साथ जमीन के नाम पर 4 करोड़ रुपये की ठगी की। जब वह इसकी शिकायत लेकर पुलिस के पास गए, तो उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने वीडियो में SSP मणिकांत मिश्रा, कुंदन सिंह रौतेला, प्रकाश बिष्ट और पैगा चौकी के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का नाम लेते हुए उन पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। किसान ने ये भी कहा कि उनके शरीर के सारे अंगों को बेचकर जो भी पैसा मिले, उसे इन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बांट दिया जाए ताकि उनके परिवार वाले उस पैसे से मौज कर सकें।

सुखवंत सिंह का वीडियो सामने आने और मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने उपनिरीक्षक और थाना आईटीआई के थानाध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला तथा उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा चौकी पैगा पर तैनात पूरी टीम को लाइन हाजिर किया गया है। लाइन हाजिर किए गए 10 पुलिसकर्मियों में चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, आरक्षी भूपेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, आरक्षी सुरेश चन्द्र, योगेश चौधरी, राजेन्द्र गिरी, दीपक प्रसाद एवं संजय कुमार शामिल हैं।
इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड के एडीजी कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने कुमाऊं रेंज की आईजी रिद्धिम अग्रवाल को मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। स्थानीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से बात की है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तीखी रही हैं। उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। यशपाल आर्य ने इस घटना को राज्य की कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ा प्रश्नचिह्न करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि प्रदेश में सिस्टम किस तरह से काम कर रहा है और आम आदमी की सुनवाई के रास्ते कैसे बंद हो चुके हैं। (KASHIPUR FARMER SUICIDE)
सुखवंत सिंह के परिवार और वीडियो से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जमीन की खरीद-फरोख्त में हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है। सुखवंत सिंह ने प्रॉपर्टी डीलरों के साथ करीब 7 एकड़ जमीन का सौदा 35 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किया था। आरोप है कि उनसे अलग-अलग चरणों में करीब 4 करोड़ रुपये ले लिए गए, लेकिन जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी थी, उसकी जगह धोखे से पास की कम कीमत वाली जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। इस धोखाधड़ी में सुखवंत सिंह ने अमरजीत सिंह, दिव्या, रविंदर कौर, लवप्रीत कौर, कुलविंदर सिंह, पूजा सी, हरदीप कौर, आशीष और उसकी पत्नी गिरबर सिंह को मुख्य आरोपी बताया है।
किसान का आरोप था कि जब वह ठगी की शिकायत लेकर थाना आईटीआई पहुंचे तो तत्कालीन एसओ ने उनकी मदद करने के बजाय उनके साथ गाली-गलौज की। उन्होंने दावा किया कि ठगों ने पुलिस को पैसे देकर अपनी तरफ कर लिया था। पिछले चार महीनों से वह लगातार पुलिस थानों और एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें हर जगह से दुत्कार कर भगा दिया गया। 17 दिसंबर 2025 को भी जब वह एसएसपी कार्यालय गए थे, तो उन्हें वहां से डांटकर भगा दिया गया था।(KASHIPUR FARMER SUICIDE)

मृतक किसान के परिजनों ने प्रशासन के सामने सबसे प्रमुख मांग यह रखी कि सुखवंत सिंह के वायरल वीडियो को ही प्राथमिक सबूत माना जाए और वीडियो में जिन लोगों के नाम हैं, उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज हो। परिवार ने प्रशासन को सोमवार दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित नहीं किया गया तो वे शव को थाने पर रखकर प्रदर्शन करेंगे। साथ ही परिवार ने सुखवंत सिंह की आखिरी इच्छा के अनुसार मामले की सीबीआई जांच और ठगी गई 4 करोड़ की रकम वापस दिलाने की मांग भी की है। (KASHIPUR FARMER SUICIDE)

इसरो के PSLV-C62 मिशन में लॉन्च के बाद आई तकनीकी खराबी, रास्ते से भटका रॉकेट
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज
All Rights Reserved with Masterstroke Media Private Limited.