लालढांग (संवाददाता- अरुण कश्यप): कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि अपनी संस्कृति और बोली भाषा का ज्ञान होना जरूरी है। वे गाजीवाली में आयोजित जनकल्याण पर्वतीय संगठन के तृतीय वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में संगठन से जुड़े नन्हे मुन्ने बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का सुंदर मंचन किया। बच्चों ने कई कुमाउंनी गीतों में शानदर नृत्य का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य गिरीश चन्द्र सुमन ने किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा की बहुत ही खुशी की बात है कि जनकल्याण पर्वतीय संगठन से जुड़े लोग आज भी शहर में आकर अपनी संस्कृति और रीति रिवाज से रूबरू हो रहें हैं। कहा कि जनकल्याण पर्वतीय संगठन के लोगों को जब भी उनकी आवश्यकता पड़ेगी वह हमेशा उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। मोदी सरकार की योजनाओं का बखान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धामों के साथ उत्तराखंड में पांचवा धाम सैनिक धाम बनाने की घोषणा की है, इसके लिए बजट भी जारी हो चुका है। कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी ने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों ने शानदार नृत्य का प्रदर्शन कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी। उन्होंने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बसपा नेत्री जानकी नौटियाल ने कहा कि आज हरिद्वार में पहाड़ की संस्कृति को छोटे छोटे बच्चों ने जीवंत साकार कर दिया है। कांग्रेसी नेता अनुपमा रावत ने कहा कि जनकल्याण पर्वतीय संगठन के इस शानदार कार्यक्रम में अधिकांश महिलाएं, बच्चे अपनी पारम्परिक पोशाक पिछोड़ा, नथुली पहन कर आये हैं, जिससे यहां पहाड़ जैसे वातावरण हो गया है। अध्यक्ष राजू जोशी, योगेश पनेरू और कुलदीप जोशी ने कहा कि यहां आकर बच्चे अपनी रीति रिवाज को भूल चुके हैं, इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति का ज्ञान देना है। कार्यक्रम में कन्हैया जोशी, गिरीश जोशी, चंद्र प्रकाश सारस्वत, बसंत, मुकेश पोखरिया, दीपक, मोहन, प्रकाश पनेरू, हरीश रावत, मुकेश बोखरिया, दया कृष्ण बोड़ाई उपस्थित रहे।

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