Tuesday, September 27, 2022
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Uttarakhand Health News : ये हैं देवभूमि के हालात- 1 और गर्भवती ने रास्ते में जना बच्चा, ऐसे ले जा रहे थे अस्पताल

Uttarakhand News- Dehradun Bureau: Uttarakhand Health News-पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बीमार और गर्भवती महिलाएं अक्सर समय पर इलाज न मिल पाने के कारण अपनी जान तक गंवा बैठते हैं। अक्सर ऐसी खबरें (Uttarakhand Health News) सामने आती रहती हैं जब किसी मरीज को पालकी और डंडी-कंडी के सहारे से पैदल मार्ग से सड़क तक पहुंचाया जाता है। कई गर्भवती महिलाएं या नवजात सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ देती हैं। एक ही एक खबर (Uttarakhand Health News) सामने आ रही है चमोली जिले से। यहां पर एक महिला ने पालकी में पैदल चलते वक्त ही बच्चे को जन्म दे दिया।

Uttarakhand Health News: चमोली जिले की इस महिला को प्रसव पीड़ा होने के कारण ठेठ पाणा ईराणी गांव से सामने आ रही है। यहां हालांकि रास्ते में ही डिलीवरी के बाद भी नवजात और गर्भवती महिला दोनों स्वस्थ हैं। गर्भवती महिला को सड़क मार्ग तक पालकी से ले जा रहे थे। करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर उन्हें सड़क मार्ग तक पहुंचना था, लेकिन महिला ने पांच किलोमीटर पालकी में सफर करने के बाद रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।

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डाॅक्टर तो दूर कोई नर्स भी नहीं, आशा के भरोसे गांव

Uttarakhand Health News: प्रसव के बाद ग्रामीण और परिजन उसे वापस 5 किलोमीटर पैदल पालकी में बैठाकर पाणा ईराणी गांव ले गए। इससे उत्तराखंड में मूलभूत सुविधाओं सड़क और स्वास्थ्य की लचर हालत की असली तस्वीर सामने आई है। अक्सर ऐसे सुदूर गांवों के लोगों की खबरें सुर्खियों में रहती हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग के नीति-नियंता शायद इस पर मंथन कर पाएं। ग्रामीणों को सीमांत इलाकों में बिना सुविधाओं के ही भगवान भरोसे छोड़ा गया है। यहां डाॅक्टर तो दूर कोई नर्स या फार्मेसिस्ट या फिर कोई वार्ड ब्वाय तक आपको नहीं मिलेगा।

Uttarakhand Health News: पाणा गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

पाणा ईराणी गांव की एक महिला को कुर्सी की पालकी बनाकर ग्रामीण और परिजन पैदल सड़क तक ले जा रहे थे। दस किमी पैदल और फिर लगभग 42 किमी दूर जिला अस्पताल गोपेश्वर अस्पताल महिला को ले जाया जा रहा था। करीब 5 किमी पैदल दूरी तय होते ही महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गया। साथ चल रहे परिजनों ने स्थानीय लोगों ने महिला को रास्ते में ही प्रसव करा दिया।

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Uttarakhand Health News : ये हैं देवभूमि के हालात- 1 और गर्भवती ने रास्ते में जना बच्चा, ऐसे ले जा रहे थे अस्पताल

Uttarakhand Health News: प्रसव कि रास्ते में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा सुरक्षित है। इसके बाद बिना इलाज के ही ग्रामीण महिला को वापस पांच किमी पैदल चलकर गांव पहुंच गए। लेकिन महिला के इस प्रसव ने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही सड़क मार्ग गांव तक न पहुंचने पर भी फिर बड़े सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इस लच्चर स्वास्थ्य व्यवस्था और महिला के रास्ते में हुए प्रसव को लेकर सीएमओ चमोली से जानकारी लेने की कोशिशें की गई, लेकिन उनके से कोई संपर्क नहीं हो पाया।

पांच किलोमीटर कुर्सी की पालकी में सफर करने के बाद जना बच्चा

दरअसल, चमोली जनपद के दशोली ब्लाॅक के पाणा ईराणी गांव तक सड़क न होने का खामियाजा आज भी ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गर्भवती महिला नंदी देवी ने पांच किलोमीटर कुर्सी की पालकी में सफर करने के बाद रास्ते में ही नवजात को जन्म दे दिया। पाणा ईरानी गांव निवासी भरत सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी नंदी देवी को सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव और आसपास कोई स्वास्थ्य सेवा नहीं है।

गांव को एक मात्र आशा के भरोसे छोड़ा गया है। भरत सिंह ने फिर आस-पास के लोगों के साथ पत्नी को गोपेश्वर अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। कुर्सी की पालकी बनाई और पहाड़ी पगडंडी के पर सफर करने के बाद महिला की प्रसव पीड़ा और तेज हो गई। इससे साथ चल रहे लोगों ने किसी तरह रास्ते में ही प्रसव हो गया। इस दौरान न नंदी देवी न कोई इंजेक्शन लगा, न दवा दी और तो और साफ-सफाई की भी व्यवस्था नहीं हो पाई।

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