उत्तराखंड के कई इलाके ऐसे जहां फरवरी माह में पहुंचना नामुमकिन, पोलिंग पार्टियों के साथ आमजन को होगी दिक्कत

देहरादून, ब्यूरो। रविदास जयंती के कारण पंजाब में जहां चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख 16 से बदलकर 20 कर दी है, वहीं उत्तराखंड में भी बर्फबारी के कारण 14 फरवरी को तय मतदान की तारीख को बदलने की मांग की जा रही है। सर्वविदित है कि उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है और फरवरी माह में यहां जमकर बर्फबारी होती है। ऐसे में मतदान स्थलों तक चुनाव पोलिंग पार्टियों का पहुंचना नामुमकिन या फिर यूं कहें कि मुश्किल भरा है।

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अध्यक्ष सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन अनूप नौटियाल और पर्यावरणविद् पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने इस संबंध में चुनाव आयोग से गुहार लगाई है। इसके साथ ही पूर्व अध्यक्ष उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ राजेंद्र बहुगुणा ने भी चुनाव आयोग से फरवरी की बजाय मार्च माह में चुनाव करवाने की अपील की है।

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उत्तराखंड की भौगोलिग परिस्थितियों को देखते हुए मतदान के लिए रविवार का दिन और मार्च के पहले सप्ताह में तिथि तय करने का आग्रह किया गया है। ऐसे में जहां नौकरी-पेशा या प्राइवेट जाॅब करने वाले लोगों को भी दिक्कत नहीं होगी और पर्वतीय इलाकों में पोलिंग बूथ तक पहुंचने में लोगों और पोलिंग पार्टियों को भी कोई परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा कई समाजसेवियों और राजनेताओं ने भी पंजाब के बाद उत्तराखंड में भी वोटिंग की तारीख में बदलाव करने के लिए आग्रह किया है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इसे कितनी गंभीरता से लेता है। अगर वोटिंग की तारीखों में बदलाव हुआ तो राज्यवासियों के साथ ही पोलिंग पार्टियों को बड़ी राहत मिलेगी।

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