देहरादून ब्यूरो- यूकेएसएसएससी में हुए भर्ती घोटाले को लेकर एसटीएफ की धरपकड़ जारी है। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि एसटीएफ की रडार पर उत्तरकाशी का एक जिला पंचायत सदस्य आया है। लेकिन एसटीएफ में तलब होने से पहले ही वह जिला पंचायत सदस्य बैंकॉक चला गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व में हुई भर्ती घोटालों में भी उसका नाम आ चुका है। अब एसटीएफ उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटा रही है जिसके बाद उस पर कड़ा शिकंजा कसा जा सकता है।

एसटीएफ यूकेएसएसएससी में हुए भर्ती घोटालों की लगातार फाइल खंगाल रही है। इस छानबीन में अभी तक सफेदपोशों तक हाथ नहीं पहुंचे हैं। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब एसटीएफ सफेदपोशों तक पहुंच सकती है। एसटीएफ ने उत्तरकाशी के एक जिला पंचायत सदस्य को अपनी रडार पर ले लिया है। लेकिन एसटीएफ जब तक उसके गिरेबान तक पहुंचती, तब तक वह शातिर जिला पंचायत सदस्य दो महीने के टूरिस्ट वीजा पर विदेश चला गया। बताया जा रहा है कि इस जिला पंचायत सदस्य का नाम पहले भी हुई भर्ती घोटाले में आ चुका है। लेकिन अपने राजनीतिक पकड़ के कारण वह बचता आ रहा था। इस जिला पंचायत सदस्य ने पूर्व में आयोजित भर्तियों में अपने कई परिजनों को चयन कराया था। यह माना जा रहा कि इस जिला पंचायत सदस्य को एसटीएफ मुख्य साजिशकर्ता भी बना सकती है। एसटीएफ इस पर शिकंजा कसने के लिए पुख्ता सबूत तलाश रही है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में रिकॉर्ड सौ से अधिक गिरफ्तारी हो सकती है। गिरफ्तारी होने पर रैकेट से जुड़े आरोपियों को जेल जाना होगा। अभी तक इस पूरे मामले में 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जो भी जांच के दायरे में आ रहा है उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाकर ही कार्रवाई की जा रही है। जिस तरह धीरे- धीरे नामों का खुलासा हो रहा है उससे ऐसा लग रहा है इस पूरे मामले में सौ से अधिक गिरफ्तारियां हो सकती है।