टिहरी(पंकज भट्ट)- वीरों की भूमि कहे जाने वाले सैन्य धाम उत्तराखंड से एक और जवान ने देश के लिए अपनी शहादत दी है। टिहरी जनपद के सीमांत नैलचामी घनसाली के पुंडोली गांव निवासी प्रवीन सिंह गुसाईं गुरुवार को जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए। प्रवीन के शहादत की सूचना मिलते ही उनकी मां और पत्नी के रो- रो बुरे हाल हो गये हैं और पूरे गांव सहित नैलचामी क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है।

प्रवीण की शहादत के कारणों का अभी पुख्ता पता नहीं चल पाया है,बताया जा रहा है कि ईडी ब्लास्ट होने से जवान प्रवीन सिंह गुसाईं वीरगति को प्राप्त हो गए। वहीं प्रवीन के गांव पुंडोली नैलचामी में गम का माहौल है पूरी नैलचामी घाटी सहित क्षेत्र में शोक की लहर है। वहीं जवान प्रवीन के शहीद होने पर घनसाली व्यापार मंडल ने शनिवार को बाजार बंद करने का निर्णय लिया है। आपको बता दें प्रवीन को भारतीय सेना में भर्ती होने की प्रेरणा भी अपने ही घर से मिली है। प्रवीन पूर्व सैनिक प्रताप सिंह गुसाईं के सबसे छोटे बेटे थे। तीन भाई बहनों में प्रवीन सबसे छोटे थे जबकि प्रवीन अपने पीछे मां-पिता और पत्नी के साथ एक पांच साल के बेटे को छोड़ गए।

प्रवीन की शहादत पर गांव के पूर्व प्रधान और बीजेपी के ज़िला उपाध्यक्ष आनंद बिष्ट ने बताया कि वीर जवान प्रवीन 2012 में 15वीं गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे जबकि प्रवीन के पिताजी 2001 में प्रथम नागा रेजिमेंट में हवालदार के पद रिटायर हुए थे। वहीं पूर्व सैनिक और भिलंगना ब्लाक के कनिष्ठ प्रमुख चंद्रमोहन नौटियाल ने बताया कि ऐसा मुकाम हर किसी को नसीब नहीं होता है मैं उनकी शहादत को झुककर नमन करता हूं। वीर जवान प्रवीन का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए शनिवार को उनके पैतृक गांव पुंडोली पहुंचेगा, जिसके बाद उनके पैतृक घाट शिवपुरी में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।