PUBG हत्याकांड : बेटे ने PUBG के लिए नहीं की मां की हत्या, घर में कोई तीसरा व्यक्ति था मौजूद

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PUBG KE LIYE KAR DI MAA KI HATYA

लखनऊ ब्यूरो : चर्चित PUBG हत्याकांड के आरोपी नाबालिग ने अब घटना का नया काल्पनिक पहलू बताया है। बता दें कि नाबालिग से बाल कल्याण समिति ने कुछ सवाल किए थे, जिनमें घटना को लेकर नया पहलू सामने आया है। दरअसल बाल कल्याण समिति ने नाबालिग की तीन घंटे तक काउंसलिंग की थी। काउंसलिंग के बाद बाल कल्याण समिति का कहना है कि घटना में कोई तीसरा किरदार भी शामिल है, जो बच्चों का भरोसेमंद इंसान है। बाल कल्याण समिति की माने को नाबालिग ने PUBG के लिए मां की हत्या नहीं की है, बल्की हत्या के वक्त घर में कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद था।

बाल कल्याण समिति  के सामने 16 साल के नाबालिग ने ये बात कही है कि PUBG केवल पुलिस की बनाई हुई कहानी है, लेकिन इस कहानी से उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है। बता दें कि जब बाल कल्याण समिति  ने नाबालिग से पूछा कि क्या उसने PUBG के लिए मां की हत्या है तो नाबालिग का कहना था कि मैं PUBG नहीं खेलता हूं। मुझे क्रिकेट, फुटबॉल और चेस खेलना अच्छा लगता है। PUBG की कहानी तो पुलिस ने बनाई है, लेकिन मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसके अलावा बाल कल्याण समिति  ने बच्चे से ये भी पूछा था कि वो सबसे ज्यादा दुखी और सबसे ज्यादा खुश कब हुआ था। जिसके जवाब में बच्चे ने कहा कि मां ने मेरे अच्छे कामों की कभी प्रसंशा नहीं की केवल मुझे प्रताड़ित किया है। जब मैं यूकेजी में था, तो दादा जी का देहांत हुआ था तब मैं कैप लगाकर स्कूल गया तो बच्चों ने टकला कहकर मेरी कैप उछाल दी और वो ऊपर अटक गई। तो मैं बहुत डर गया था कि बिना कैप के घर गया तो मां बहुत मारेगी उस वक्त मैं बहुत दुखी हुआ था। वहीं खुशी की बात करते हुए नाबालिग ने कहा कि जब पापा बाहर घुमाने ले जाते हैं तो मैं खुश होता हूं। नाबालिग ने आगे कहा कि जब यूकेजी में मैने उन बच्चों को डंडे से पीटा था जिन्होने मेरी कैप उछाली थी तब भी मुझे बहुत खुशी मिली थी। ये भी पढ़े-मामूली कहा-सुनी के बाद पत्नी को लाइसेंसी रिवाल्वर से मारी गोली, ऐसे पहुंचा सलाखों के पीछे

बाल कल्याण समिति  का मानना है कि हत्या में कोई तीसरा किरदार भी शामिल है, जो बच्चों का बेहद भरोसेमंद है। बता दें कि बाल कल्याण समिति के सामने घटना के बारे में पूछने पर नाबावलिग ने एक बार भी नहीं कहा कि उसने मां की हत्या की है। नाबालिग का केवल ये कहना था उसे मां की मौत का कोई अफसोस नहीं है। बाल कल्याण समिति की माने तो नाबालिग जिद्दी और महत्वाकांक्षी के साथ संवेदनशील भी है। यही वजह है कि वो अपनी 10 साल की बहन के लिए फिक्रमंद था और उसे खुद खाना बनाकर खिला रहा था । बाल कल्याण समिति  का कहना है कि अगर वो आपराधिक मानसिकता का होता तो बहन को भी मारकर घर से भाग जाता। क्योंकि केवल उसकी बहन ही हत्याकांड की साक्षी थी। ये भी पढ़े-दु:खद : तेज रफ्तार डंपर ने दो स्कूटी सवारों को कुचला, एक की मौत; एक गंभीर हालत में

बाल कल्याण समिति  की रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य इंसान के लिए शव के साथ तीन दिन तक रहना मुश्किल है। अगर 16 साल का बच्चा हिम्मत बनाता तो भी 10 साल की बहन किसी भी सूरत में इस हालात का सामना नहीं कर पाती। बाल कल्याण समिति की माने को नाबालिग ने PUBG के लिए मां की हत्या नहीं की है, बल्की हत्या के वक्त घर में कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद था। रिपोर्ट के अनुसार इस बात की पूरी संभावना है कि उस वक्त कोई तीसरा व्यक्ति भी मौजूद था। जिस पर बच्चे भरोसा करते हैं। फिलहाल उस तीसरे किरदार को लेकर बच्चे की काउंसलिंग चल रही है। इधर पुलिस का भी मानना है कि घटना के पीछे केवल PUBG कारण नहीं है। ऐसे में पुलिस मृतका साधना, बेटे और उसके पिता की कॉल डिटेल निकाल रही है।