दिल्ली, ब्यूरो :  दुनिया में लगातार मंकीपॉक्स वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं, कोरोना की तरह कहीं ये भी वैश्विक महामारी न बने जाए इसे लेकर उत्तराखंड सरकार अलर्ट नजर आ रही है। मंकीपॉक्स वायरस को लेकर उत्तराखंड सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने सभी अस्पतालों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। सभी अस्पतालों को ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही लक्षण दिखने पर जल्द उच्च स्तर पर रिपोर्ट करने को कहा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य महानिदेशालय ने प्राइवेट अस्पतालों को भी मंकीपॉक्स के संदर्भ में निर्देश जारी किए गए हैं।

विदेश से आने वालों पर रखी जाएगी नजर

स्वास्थ्य महानिदेशालय ने एडवाइजरी करते हुए कहा है कि किसी भी मरीज में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर इसकी जानकारी जिले के सीएमओ को जल्द से जल्द दी जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम को विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रभावित देशों से आने वाले लोगों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन देशों में मंकी पॉक्स के मरीज मिले हैं वहां से अगर कोई आता है तो उन लोगों की स्क्रीनिंग भी कराई जाएगी। और लक्षण मिलने पर आइसोलेट कर उनके सैंपल को जांच के लिए पुणे की वायरोलॉजी लैब भेजा जाएगा।

कितना गंभीर है मंकीपॉक्स वायरस ?

मंकीपॉक्स एक दुर्लभ और गंभीर वायरल बीमारी है, जो आमतौर पर फ्लू जैसी बीमारी है। जो की लिम्फ नोड्स की सूजन से शुरू होती है। और फिर धिरे-धिरे चेहरे और शरीर पर एक दाने के रूप में विकसित होती है। इसके ज्यादातर संक्रमण 2 से 4 हफ्ते तक चलते हैं। हालांकी यह वायरस लोगों के बीच आसानी से नहीं फैलता है। लेकिन रोगी के शरीर के तरल पदार्थ और मंकीपॉक्स के घावों के संपर्क में आने से ये फैल भी सकता है।