केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, अब 6 माह डोली ओंकारेश्वर मंदिर में रहेगी विराजमान  

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Kedarnath Kapat Band
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गुरुवार यानी आज भैया दूज के मौके पर ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल हेतू बंद हो गए। इस अवसर पर कईं लोग मंदिर में मौजूद रहे।

आपको बता दें कि आज केदारनाथ मंदिर सुबह 3 बजे खुल गया था और चार बजे कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हो गई थी।

बता दें कि पुजारी टी गंगाधर लिंग द्वारा भगवान केदारनाथ के स्वयंभू को श्रृंगार रुप से समाधि रुप दिया गया था। इसके साथ ही भंकुट भैरव नाथ के आह्वान के साथ ही गर्भगृह और मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद कर दिया गया। इसके बाद ही पूरब द्वार को भी सील कर बंद कर दिया गया।

Kedarnath Kapat Band
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Kedarnath Kapat Band : केदारबाबा के जयकारों से गुंजायमान रही केदारघाटी 

सेना की 11 मराठा लाईट इन्फ्रेंट्री रुद्रप्रयाग के बैंड से पूरी केदारघाटी गुंजयमान रही। वहीं पूरी केदारघाटी बाबा के जयकारों से गुंजयमान रही ।

केदारनाथ धाम में इस बार भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, ये पहली बार है जब सीजन में 15 लाख यात्री धाम में दर्शन करने पहुंचे हों। आपको बता दें कि इससे पहले साल 2019 में सबसे अधिक यानी की 10 लाख लोगों ने बाबा केदार के दर्शन किए थे।

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इसी दिन बंद क्यों होते हैं केदारनाथ के कपाट

हर साल भैया दूज के मौके पर ही इसिलिए कपाट बंद होते हैं क्योंकि इसके पीछे एक कहानी छिपी हुई है। पौराणिक कथाओं के अनुसार युद्ध के बाद पांडवों ने अपने पित्रों का कर्मकांड किया और भैयादूज के ही दिन उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हुई।