दिल्ली,ब्यूरो :  जम्मू-कश्मीर में अब कश्मीरी पंडितों के बाद हिंदुओं के मदिंरों को निशाना बनाया जा रहा है। जहां पहले एक-एक कर आतंकवादी कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों की हत्या कर रहे थे, जिसके बाद से करीब 80 % लोग पलायन कर चुके हैं। वहीं कश्मीरी पंडितों के बाद अब मदिंर पर हमला हुआ है, जहां वासुकी नाग मंदिर में मूर्तियां तोड़ी गई हैं तो त्रिशूल भी फेंके गए हैं। बता दें कि अब जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भदरवाह में स्थित प्राचीन वासुकी नाग मंदिर में ये तोड़फोड़ की गई है। रविवार रात वासुकी नाग मंदिर में ये तोड़फोड़ की गई है। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह पुजारी मंदिर में पहुंचे।

सुबह जब पुजारी मंदिर में पहुंचे तो दरवाजे और खिड़कियां उन्हे क्षतिग्रस्त  मिले। मूर्तियां खंडित थीं और जमीन पर पत्थर पड़े थे। वहीं मंदिर में हुई तोडफोड की खबर आग की तरह फैल गई।जिसके बाद देखते ही देखती मंदिर के बाहर भीड़ जमा हो गई और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए सरकार से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। हिंदू संगठनों का कहना है कि कश्मीरी पंडितों के बाद अब मदिंर पर हमला किया गया है।

जम्मू कश्मीर में मंदिर पर हमला

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वासुकी नाग मंदिर की है खास मान्यता 

डोडा जिले का भद्रवाह अपने प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक विरासत को लेकर मिनी कश्मीर के नाम से मशहूर है। देवदार वृक्षों से घिरे इस मंदिर में प्राकृतिक स्थलों के अलावा कई धार्मिक स्थल भी हैं, इन्हीं धार्मिक स्थलों में एक वासुकी नाग मंदिर भी है। बताया जाता है कि यह धार्मिक स्थल कश्यप और कद्रू के पुत्र वासुकी को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वासुकी नागों के राजा हुआ करते थे, जिनके माथे पर नागमणि लगी थी। दरसअल 14,700 फीट की ऊंचाई पर वासुकी नाग महाराज मंदिर स्थित है। लेकिन अगस्त सितंबर 2021 में वार्षिक छड़ी यात्रा के बाद मंदिर को बंद कर दिया गया था। इधर जब दो दिन पहले ट्रस्ट की एक टीम ने मंदिर का दौरा किया तो टीम को दरवाजा और दान पेटी टूटी हुई मिली। वहीं मंदिर के त्रिशूल भी यहां-वहां पड़े नजर आए।