काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाएगी भव्य देव दीपावली

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Kashi में आज 80 लाख रुपए से सजेगा काशी विश्वनाथ धाम, 15 मिनट तक होगी आतिशबाज़ी

आज देशभर में देव दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को इस पर्व को मनाया जाता है। मान्यता है कि आज के दिन देवी-देवता पृथ्वी लोक पर आते हैं और Kashi में गंगा स्नान करके दीपदान करते हैं और इसलिए उनके स्वागत के लिए गंगा नदी के घाटों पर लाखों की संख्या में दीप जलाए जाते हैं। देवदीपावली पर पवित्र नदी में स्नान और दीप दान करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान शिव ने दैत्य त्रिपुरासुर का वध किया था और इसी कड़ी में भगवान शिव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए बड़े स्तर पर देव दीपावली उत्सव मनाया जाता है।

तीनों लोक से न्यारी Kashi 84 घाटों पर 10 लाख दिये से होगी जगमग, 3D और लेजर शो का होगा भव्य आयोजन

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सभी जानते हैं कि कार्तिक मास की पूर्णिमा जैसे पावन पर्व के महत्व को हम सब पहचानते हैं, लेकिन तीनों लोक से न्यारी Kashi में यह पर्व देवताओं की दीपावली के तौर पर यानी देव दिवाली के नाम से मनाते चले आने की बहुत पुरानी परंपरा है। देवताओं के लिए सिर्फ एक दीपक जलाने भर जैसा पर्व काशी में एक लोकपर्व और लोक परम्परा का शक्ल ले चुका है।

काशी के पचगंगा घाट से 1985 से शुरू हुई यह परंपरा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है और अब तो ना केवल तमाम समितियों के अलावा शासन स्तर पर भी बड़े स्तर पर हिस्सा लिया जाता है। काशी के 84 घाट सभी अर्धचंद्राकार लिए जब 10 लाख दीपों से रोशन होंगे तो छटा कितनी निराली होगी यह कहने की बात नहीं। इस अलौकिक छटा को निहारने और महसूस करने के लिए ना ही स्थानीय, बल्कि देश दुनिया से लाखों की संख्या में सैलानी आएंगे।

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Kashi में गंगा महोत्सव का आयोजन- सभी समितियों ने कर ली तैयारी, मुख्यमंत्री योगी जी ने कल देखा था तैयारियों का इंतज़ाम

इस बार फिर Kashi के चेतसिंह घाट पर गंगा अवतरण की कथा दिखाई जाएगी और लेजर शो भी शिव स्तुति के साथ होगा। इसके अलावा काशी विश्वनाथ कॉरीडोर के गंगा द्वार के उस पार कोरियोग्राफ फायर क्रेकर शो ग्रीन पटाखों के जरिये होगा।

देव दीपावली के साथ ही आज से गंगा महोत्सव शुरू हो जाएगा जो पूरी तरह से शास्त्रीय संगीत पर आधारित होता है और देवदीपावली पर लोग आज शाम को दीपदान करने घाटों पर जाते हैं और 15 मिनट तक भव्य आतिशबाज़ी का आनंद भी लेते हैं। सरकारी तैयारियों के अलावा पारंपरिक तैयारियों में लगी समितियों ने अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट और अस्सी घाट पर विशेष गंगा महाआरती का आयोजन होता है जो बिलकुल अद्भुत होती है। इन सभी तैयारियों का जायजा कल हमारे माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घाटों पर जाकर लिया था।

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