नैनीताल, ब्यूरो। नैनीताल जिले में भू-माफिया ने जिंदा व्यक्ति को मृत दिखाकर उसकी जमीन एक बड़े सरकारी अफसर के नाम कर दी। अपनी ही जमीन दस्तावेजों चढ़ाने और उस पर कब्जा करने के लिए एक बुजुर्ग करीब साढ़े चार साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन फिर भी उसे इंसाफ नहीं मिला। अब मामला कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के पास भी पहुंच गया है। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित तहसीलदार को मामले की जांच कर इसमें निर्णय देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही इस करतूत के लिए जिम्मेदार कार्मिकों और भू-माफिया को सख्त से सख्त सजा देने के भी निर्देश दिए हैं।

दरअसल, यह मामला नैनीताल जिले के कमोला गांव का है। गांव के हरिकृष्ण बुधलाकोटी (73) ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि इलाके के पंगूट नामे तोक में उसकी करीब तीन नाली पैतृक जमीन है। उन्होंने बताया कि भू-माफिया ने उन्हें 1980 में मृतक दिखाकर यह जमीन एक बड़े सरकारी अफसर के नाम कर दी। अब यह अफसर रिटायर भी हो चुका है। पीड़ित को तब पता चला जब वह इस जमीन में बगीचा लगाने के लिए खाता-खतौनी लेने तहसील गए। वहां देखा तो राजस्व रिकाॅर्ड में उनके नाम की जमीन किसी और के नाम पर दर्ज है। छानबीन करने पर पता चला कि उन्हें मृत और कोई वारिश न होना दिखाकर भू-माफिया ने जमीन हल्द्वानी निवासी के रिटायर्ड सरकारी अधिकारी के नाम पर कर दी है। उन्होंने मामले में मुकदमा दर्ज किया, चार साल से तहसील कोश्यां कुटौली में मामले की सुनवाई भी हो रही है, लेकिन अभी तक मामले में कोई फैसला नहीं आया है। बुजुर्ग के अनुसार वह चार साल से अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं, फिर भी उन्हें इंसाफ नहीं मिल रहा है। कुमाऊं कमिश्नर ने इसे लैंड फ्राॅड का मामला बताते हुए तहसीलदार को जल्द से जल्द मामले में फैसला देने के निर्देश दिए हैं।