पौड़ी(कुलदीप बिष्ट)- उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में किस तरह से विकास हो रहा है इसका बड़ा उदाहरण बन रही है पौड़ी जिले की ल्वाली झील। इस झील के निर्माण को लेकर अब यहां के स्थानीय विधायक ने ही सवाल खड़े कर दिये हैं। विधायक राजकुमार पोरी का कहना है 11 करोड़ खर्च करने के बाद यहां झील नहीं गदेरा बना है।

पौड़ी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां गगवाड़स्यूं क्षेत्र में सब से पहले अपने कार्य काल में मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी ने और फिर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ल्वली झील की घोषणा की थी। यहां के पूर्व विधायक मुकेश कोली का यह ड्रीम प्रोजेक्ट भी था। लेकिन अब इस झील के निर्माण कार्यों पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। वर्तमान विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद योजना धरातल पर फलीभूत होती नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि 11 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद झील अपने वास्तविक स्वरूप में नहीं आ पाई है। अब संबंधित विभाग द्वारा झील के निर्माण कार्य के लिए और धन दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बताया कि साइड डेवलपमेंट के अभाव में अभी भी झील गदेर के रूप में दिखाई दे रही है। जिसके चलते  उस पर पैसा खर्च करना उचित नहीं दिखाई देता है। वहीं इस पूरे मामले में पूर्व विधायक मुकेश कोली ने बताया कि ल्वाली झील उनके कार्यकाल के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी और त्रिवेंद्र सिंह रावत की घोषणाओं में भी शुमार है।