एक ऐसा मंदिर जिसकी दीवारों को छूने से आती है डमरु की आवाज़

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Jatoli Shiv Temple: क्या है मंदिर का रहस्य?

Jatoli Shiv Temple: भगवान भोले का ऐसा मंदिर जहां मंदिर (Jatoli Shiv Temple) की दीवारों को छूने या फिर थपथपाने से आती है डमरु की आवाज़। ये रहस्यमयी मंदिर देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश में स्थित है, जहां साक्षात भगवान शिव ठहरे थे।

हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित इस चमत्कारी मंदिर का नाम है जटोली शिव मंदिर (Jatoli Shiv Temple). मंदिर की दीवारें जिन पत्थरों से बनी हैं उन्हें छूने या फिर थपथपाने से डमरू की आवाज़ें आती हैं। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां भगवान शिव ने एक बार विश्राम किया था।

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इसके साथ ही इस मंदिर (Jatoli Shiv Temple) को लेकर एक और मान्यता काफी प्रचलित है। ऐसा कहा जाता है कि कई सालों पहले सोलन में पानी की भारी समस्या आन पड़ी थी, लोगों को पीने तक का पानी नसीब नहीं हो रहा था। अब इस कष्ट से लोगों को निजात दिलाने के लिए स्वामी कृष्णानंद परमहंस ने भगवान शिव की घोर तपस्या की, जिसके बाद उनके द्वारा जमीन पर अपने त्रिशूल से वार किया गया और वहीं से पानी की धारा निकलने लगी।

इस वाक्य के बाद से सोलन में कभी भी पानी की कमी नहीं हुई और इसके बाद ही इस जगह पर भगवान शिव का मंदिर (Jatoli Shiv Temple) बनवाया गया। इस मंदिर (Jatoli Shiv Temple) को बनाने में पूरे 39 साल का वक्त लगा था, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस मंदिर (Jatoli Shiv Temple) के निर्माण कार्य में करोड़ों रुपयों का खर्च आया था जिसे देश विदेश के कई शिव भक्तों द्वारा दान किया गया था।

भगवान शिव के इस चमत्कारी मंदिर में आने के लिए आपको 100 सीढ़ियां चढ़कर आना होगा.. वहीं इस मंदिर की ऊंचाई की बात करें तो ये करीबन 111 फीट ऊंचा मंदिर है। इस मंदिर में कई देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।  वहीं सबसे अहम बात ये है कि इस मंदिर में भगवान शिव का 11 फीट लंबा शिवलिंग स्थापित है और साथ ही  एक बड़ा सोने का कलश भी मौजूद है जो इस मंदिर को और भी ज्यादा खास बनाता है।

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