गर्मियों की छुट्टियां में गांव आया किशोर सरयू नदी में डूबा, दुखियारी मां का रो-रो कर बुरा हाल

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गर्मियों की छुट्टियां में गांव आया किशोर सरयू नदी में डूबा, दुखियारी मां का रो-रो कर बुरा हाल

पहले पति ने छोड़ा अब एकलौता बेटा इस हालात में छोड़कर गया, घर और गांव में मचा कोहराम
सरयू नदी में नहाने उतरे तीन किशोरों में से एक डूबा, नहीं आता था इस किशोर को तैरना

बागेश्वर, ब्यूरो। उत्तराखंड में आजकल गर्मियों के अवकाश के दौरान छात्रों की नदियों में डूबने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। एक दिन पहले बागेश्वर जिले में भी एक ऐसा ही दुःखद हादसा हुआ है। सरयू नदी में नहाने उतरे ग्वाड़ गांव के तीन किशोरों में से एक की डूबकर मौत हो गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार किशोर को तैरना नहीं आता था। फिर भी वह दोस्तों के साथ गहरे पानी में कूद गया। उसके दो दोस्त तो तैरकर वापस आ गए लेकिन वह डूब गया। दोनों दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन बचा नहीं पाए। किशोर के डूबने की सूचना के बाद घर और गांव में कोहराम मचा है। एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर गहरे पानी से किशोर का शव बरामद कर लिया है।

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गर्मियों की छुट्टियां में गांव आया किशोर सरयू नदी में डूबा, दुखियारी मां का रो-रो कर बुरा हाल

गर्मियों की छुट्टियां में गांव आया किशोर सरयू नदी में डूबा, दुखियारी मां का रो-रो कर बुरा हाल

बता दें कि यह हादसा एक दिन पहले बागेश्वर कोतवाली क्षेत्र के झटक्वाली के पास सरयू नदी में नहाते वक्त हुआ। घटना की सूचना के बाद सीओ समेत एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। एक घंटे रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इसके बाद शव को सरयू के गहरे पानी से बाहर निकाला गया। लगातार इलाके में हो रहे ऐसे हादसों ग्रामीण सहमे हुए हैं। बागेश्वर कोतवाली पुलिस के अनुसार बागेश्वर तहसील के ग्वाड़ गांव के तीन किशोर गुरुवार को झटक्वाली पुल के पास सरयू नदी में नहाने गए थे। इस दौरान 15 वर्षीय सौरभ सुनेरी पुत्र अर्जुन सिंह सरयू के गहरे पानी में डूबने लगा। साथ में गए उसके साथियों ने उसे बचाने की कोशिश भी की लेकिन बचा नहीं पाए। तत्काल इसकी सूचना गांववालों ने पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ को दी। सूचना के बाद सीओ अंकित कंडारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और एसडीआरएफ ने नदी में रेस्क्यू अभियान चलाया। एक घंटे बाद गहरे तालाब से सौरभ का शव बरामद किया गया। ये रेस्क्यू ऑपरेशन एसडीआरएफ टीम के राजेंद्र मेहरा, राजेन्द्र रावत, खेलाश राम, बालम सिंह और अमित टम्टा आदि ने चलाया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार सौरभ को तैरना नहीं आता था, जबकि रोहित भी अच्छी तरह से नहीं तैर सकता था। इस कारण दोनों किशोर तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगे।घटना के बाद सौरभ के दोस्तों और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

सौरभ ने इस वर्ष दसवीं की परीक्षा पास की थी और उनका परिवार छुट्टी मनाने के लिए घर आया था। क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक कार्की बताते हैं कि पति के लापता होने से रमा देवी किसी तरह से उबर गई थी। कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, बलवंत सिंह भौर्याल, पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल आदि ने इस घटना पर दुख जताया है। जिला मुख्यालय में नदियों में नहाने वालों पर जल पुलिस की मदद से नजर रखी जा रही है लेकिन ग्रामीण इलाकों में सब जगह पुलिस तैनात करना संभव नहीं है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। पहले पति छोड़कर चला गया और अब इकलौता बेटा भी साथ छोड़ गया। यह दुखभरी दास्तान है सरयू नदी में डूबकर जान गंवाने वाले सौरभ की मां रमा देवी की। ग्वाड़ निवासी अर्जुन सिंह स्यूनेरी सेना में नौकरी करते थे। 15 साल पहले उन्होंने सेना की नौकरी छोड़ दी और उसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला। पति के अचानक गायब होने से रमा देवी पर मानो दुखों का पहाड़ टूट गया, लेकिन उन्होंने बच्चों की खातिर खुद को संभाला और रुद्रपुर चली गई। किसी कंपनी में प्राइवेट नौकरी कर वह अपनी चार संतानों का पालन-पोषण करने लगी। विगत 18 जून को ही उन्होंने अपनी सबसे बड़ी बेटी की शादी की थी।