Friday, August 19, 2022
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उत्तराखंड शासन ने जिपं अध्यक्ष दीपक को हटाया, इंजीनियर के साथ ये अधिकारी निलंबित; होगी एसआईटी जांच


देहरादून (संवाददाता,अमित रतूड़ी) : भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण को वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाते हुए पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही उत्तराखंड शासन ने वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त संबंधित इंजीनियर और जिला पंचायत अधिकारी के साथ ही कई अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है।

आपको बता दें कि उत्तरकाशी की यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में अपनी दावेदारी कर रहे दीपक दो दिन पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए हैं। आज चिन्यालीसौड़ में आयोजित एक बैठक में उनके कार्यक्रम में संगठन कहीं न कहीं अलग-थलग देखा गया। वहीं कांग्रेस में जाने के बाद भाजपा सरकार ने दीपक पर बड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत अध्यक्ष उत्तरकाशी दीपक बिजल्वाण जिला पंचायत अधिकारी इंजीनियर और संबंधित कई अभियंताओं को उत्तराखंड शासन ने सस्पेंड करने के साथ ही हटा दिया है। दीपक बिजल्वाण पर भी कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध कर पद से हटा दिया है। चुनाव से ठीक पहले की गई बड़ी कार्रवाई को भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन बताया जा रहा है। इस मामले में एसआईटी जांच के भी आदेश कर दिए गए हैं।

उत्तराखंड शासन की ओर से आज जारी किए गए आदेश के अनुसार, विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अध्यक्ष, जिला पंचायत उत्तरकाशी श्री दीपक बिजल्वाण, अवर अभियन्ता विक्रम सिंह रावत, समस्त अवर अभियन्ता अभियन्ता / पूर्व अपर मुख्य अधिकारी संजय कुमार एवं कर अधिकारी चन्दन सिंह जिला पंचायत उत्तरकाशी के विरुद्ध वर्ष नवम्बर, 2019 से आतिथि जिला पंचायत उत्तरकाशी द्वारा विभिन्न मदो में निर्माण कार्यों में धरातल पर कोई कार्य न किये जाने तथा सरकारी धन का दुरुपयोग / गबन की शिकायत के सम्बन्ध में दिनांक 14.12.2020 को सचिव, पंचायतीराज द्वारा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत (प्रमुखों, उप प्रमुखों, अध्यक्ष तथा उपाध्यक्षों का हटाया जाना) जांच नियमावली 1997 में निहित प्राविधानों के आधार पर कार्यालय आदेश संख्या-564, दिनांक 22.12.2020 द्वारा प्रकरण की प्रारम्भिक जांच हेतु जिलाधिकारी उत्तरकाशी को जांच अधिकारी नामित करते हुए जाच करायी गयी।

2 जिलाधिकारी, उत्तरकाशी की प्रारम्भिक जाच आख्या में की गयी संस्तुति के क्रम में शासन के कार्यालय आदेश संख्या-52 दिनांक 27.01.2021 द्वारा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला • पंचायत (प्रमुख, उपप्रमुखों, अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों को हटाया जाना) जांच नियमावली, 1997 के नियम-6 में निहित प्राविधान के आलोक में प्रकरण की अन्तिम जांच हेतु शासन के पत्र संख्या-52. दिनांक 27.01.2021 द्वारा आयुक्त, गढ़वाल मण्डल पौड़ी को नामित किया गया।।

  1. आयुक्त गढ़वाल मण्डल की अन्तिम जांच आख्या दिनांक 21.06.2021 द्वारा श्री दीपक बिजल्वाण, अध्यक्ष जिला पंचायत उत्तरकाशी के विरूद्ध जिलाधिकारी, उत्तरकाशी की प्रारंम्भिक जांच के आधार पर आरोपित 05 बिन्दुओं में से आरोप संख्या 1 (अ), 2 व 3 की पुष्टि न होने तथा आरोप संख्या 1 (घ). 1 (स). 45 आशिक रूप से पुष्टि होने के सम्बन्ध में शासन को अवगत कराया गया।

4 आयुक्त, गढ़वाल मण्डल, पौड़ी की अन्तिम जांच आख्या दिनांक 21.06.2021 के आधार पर शासन के पत्र संख्या 412. दिनांक 03.09.2021 के माध्यम से श्री दीपक बिजल्वाण, अध्यक्ष जिला पंचायत उत्तरकाशी को उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 (यथासंशोधनों सहित प्रवृत्त) की धारा-138 (1) (घ) (iv) में निहित प्राविधान के आलोक में अधिप्राप्ति नियमावली के विभिन्न प्राविधानों के उल्लंघन के सम्बन्ध में विस्तृत कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया।

  1. श्री दीपक बिजल्वाण, अध्यक्ष जिला पंचायत उत्तरकाशी द्वारा उक्त निर्गत कारण बताओ नोटिस’ का प्रत्युत्तर उनके पत्र, दिनांक 01.10.2021 के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराया गया।
    प्रकरण में आयुक्त, गढ़वाल मण्डल की विस्तृत अन्तिम जाय आख्या एवं श्री दीपक विजया जिला पंचायत उत्तरकाशी द्वारा प्रस्तुत प्रत्युत्तर का शासन स्तर पर सम्यक परीक्षण करते हुए अध्यक्ष जिलात उत्तरकाशी के विरुद्ध आरोप संख्या १(ब). 1(स) 45 की पुष्टि हुई है। श्री जिल्याण के विरूद्धष्टपाये गये आरोपीय अनियमितता से सम्बन्धित हैं जिनमें निविदा प्रक्रिया में अनियमितता बरते जाने तथा कार्य पूर्ण होने के पूर्व ही भुगतान कर दिये जाने जैसे गम्भीर आरोप सम्मिलित है।
  2. उक्त के सम्बन्ध में माननीय महाधिवक्ता उत्तराखण्ड का परामर्श भी प्राप्त किया गया, उनके द्वारा दिनांक 10:11.2021 को दिये गये परामर्श का संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है

I am of the view that since this is omatter of embezzlement and misappropriation of money, therefore, for bringing forward the truthfulness of the matter and also for doing justice to the alleged parties, an independent enquiry through some independent agency may be conducted in this matter. Exeactly, this is also prayer of the petitioner in the PIL No. 170 of 2021. The Stote exercising its power under Section 138 of the Panchayati Roj Act, during pendency of such enquiry, may take suitable action for protecting the

आयुक्त गढ़वाल मण्डल की अन्तिम जाच आख्या दिनांक 21.06.2021 उपलब्ध कराये गये साक्ष्यों श्री दीपक बिजल्वाण अध्यक्ष जिला पंचायत उत्तरकाशी को निर्गत कारण बताओ नोटिस के सापेक्ष उपलब्ध कराये गये प्रत्युत्तर एवं उत्तराखण्ड पचायतीराज अधिनियम, 2016 में उल्लिखित व्यवस्थाओं तथा स्वपठित नियमावलियों के विश्लेषण से इसका समाधान हो जाता है कि श्री दीपक बिजल्वाण, अध्यक्ष, जिला पंचायत उत्तरकाशी द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्यहन में अपारदर्शी एवं वित्तीय नियमों के प्रतिकूल कार्य किया गया है।

साथ ही उक्तानुसार प्रकरण में माननीय महाधिवक्ता, उत्तराखण्ड के परामर्श के आधार पर सम्यक विचारोपरान्त विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराये जाने का निर्णय लिया गया है। माननीय महाधिवक्ता के परामर्शानुसार श्री दीपक बिजल्वाण, अध्यक्ष, जिला पंचायत द्वारा जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने अभिलेखों / साक्ष्यों से छेड़छाड़ न किये जाने तथा तथा गवाहों को प्रभावित न किये जाने के उद्देश्य से एवं प्रस्तर-5 में उल्लिखित तथ्यों के आलोक में उपरोक्तानुसार तत्काल प्रभाव से उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा-138(1) के प्राविधानों के अन्तर्गत श्री दीपक बिजल्वाण को अध्यक्ष, जिला पंचायत उत्तरकाशी पदीय दायित्वों से हटाया जाता है।

independent enquiry from hampering and tempering of the witnesses.”

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