Butter Festival मनाया जाएगा आज, दयारा बुग्याल में खेली जाएगी मक्खन, दूध और मट्ठा की होली

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उत्तरकाशी ब्यूरो- Butter Festival उत्तराखंड की उद्भुत परंपराओं में से एक अनोखी परंपरा है। Butter Festival उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल में मनाया जाता है। आज इस Butter Festival का आयोजन होने जा रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस Butter Festival में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के पहुंचने की संभावनां भी जताई जा रही है।

ऐसी हुई थी Butter Festival की शुरूआत

दयार बुग्याल रैथल क्षेत्र में आता है, यहां रैथल क्षेत्र और आस-पास के ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर इस बुग्याल में गर्मियों में छानी बनाकर रहते हैं। अपने गांवों को लौटने से पहले यहां ग्रामीण प्रकृति के प्रति अपनी श्रद्धा दिखाते हुए और प्रकृति का शुक्रिया अदा करने के लिए इस Butter Festival का आयोजन करते हैं। इसमें अपने मवेशियों को स्वस्थ रहने की कामना को लेकर दूध, दही, मक्खन और मट्ठा के साथ होली खेली जाती है। इसे यहां स्थानीय भाषा में अढूंड़ी उत्सव कहा जाता है।

Butter Festival

पहले Butter Festival में गाय के गोबर से खेलते थे होली

दयारा बुग्याल में मनाये जाने वाले इस अढूंड़ी उत्सव जिसे अब Butter Festival कहा जाता है में पहले गाय के गोबर से होली खेली जाती थी। इस दयारा पर्यटन उत्सव समिति रैथल के अध्यक्ष मनोज राणा ने बताया कि अब पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए और बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए क्षेत्रवासी यहां दूध, मक्खन और मट्ठा के साथ होली खेलते हैं।

पूजा से होती है Butter Festival की शुरुआत

स्थानीय लोग Butter Festival की शुरूआत पूजा से करते हैं। यहां के स्थानीय लोग इस उत्सव को मनाने से पहले प्रकृति देवता की पूजा- अर्चना करते हैं। जिसमें वे प्रकृति देवता से प्रार्थना करते हैं कि उनके मवेशी स्वस्थ रहे और उनमें दूध की वृद्धि हो जिससे उनके घरों में संपन्ता आये। यहां के लोगों मवेशियों और खेती पर ही निर्भर रहते हैं, इसलिए वे इस उत्सव में इस तरह की कामना करते हैं।

Butter Festival

Butter Festival के लिए भारी संख्या में पहुंचे पर्यटक

आज दयारा बुग्याल में Butter Festival मनाया जायेगा। इस Butter Festival को देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। यहां मंगलवार शाम से ही दयारा बुग्याल की छानियों में पर्यटकों का आना शुरू हो गया था। साथ ही कई पर्यटक यहां कैंपिंग कर भी Butter Festival का आनंद उठाने पहुंचे हैं। इस Butter Festival को लेकर पर्यटकों को कोई परेशानी न हो इसको लेकर उत्तरकाशी जिला प्रशासन और दयारा पर्यटन उत्सव समिति रैथल ने सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर रखी हैं।

ऐसे पहुंचे दयारा बुग्याल में Butter Festival मनाने के लिए

दयारा बुग्लाय अपनी सुंदरता के लिए पहचाना जाता है। कुछ सालों से यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। यहां पर्यटक कैंपिंग कर प्रकृति का आनंद उठाते हैं। दयारा बुग्याल तक पहुंचने के लिए पहले उत्तरकाशी शहर से 42 किलोमीटर दूर भटवाड़ी तक सड़क मार्ग से पहुंचा जाता है, फिर वहां से 9 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर दयारा बुग्याल तक पहुंचा जाता है। यह दयारा बुग्याल 28 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यहीं पर अढूंडी उत्सव जिसे Butter Festival भी कहा जाता है मनाया जाता है।