Friday, August 19, 2022
spot_img
HomeCrimeन लैपटाॅप न जानकारी…18 वर्षीय अनाथ युवती ने कैसे बनाई ‘बुल्ली बाई’?

न लैपटाॅप न जानकारी…18 वर्षीय अनाथ युवती ने कैसे बनाई ‘बुल्ली बाई’?

घर में कमाने वाला कोई नहीं अब बुल्ली बाई मामले में फंसी ये युवती…
बुल्ली बाई मामला आरोपी युवती के परिवार से खास बातचीत

रुद्रपुर (संवाददाता-तापस विश्वास): दो दिन से चर्चाओं में आए बुल्ली बाई मामले में गिरफ्तार की गई युवती की बहन का कहना है कि उसे बेवजह फंसाया जा रहा हैं। उसकी बहन के पास न तो लैपटाॅप है और नहीं ऐसी कोई जानकारी जिससे कि कोई एप डेवलप की जा सके। मामले में गिरफ्तार की गई युवती के माता पिता की मौत हो चुकी है और वह तीन बहनें और आठ साल का भाई खुद ही अपना गुजर-बसर करते हैं।

मुंबई पुलिस आईटी सेल की एक संयुक्त टीम और शहर पुलिस स्टेशन की पुलिस ने एक दिन पहले बुल्ली बाई मामले में एक 18 वर्षीय लड़की को हिरासत में लिया था। इसमें राजनीतिक सामाजिक मुद्दों पर मुखर मुस्लिम महिलाओं को ऑनलाइन ‘नीलामी’ पर रखे जाने का आरोप है। श्वेता सिंह के रूप में पहचानी गई लड़की को शहर रुद्रपुर में उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। लड़की को 5 जनवरी तक ट्रांजिट रिमांड दिया गया। जहां हमने आरोपी युवती के परिवार से खास बातचीत की है जिसमे उन्होंने अपनी बहन को फर्जी तरीके फंसाये जाने का आरोप लगाया है। साथ में आरोपी युवती की बहनों ने फंसाये जाने के ट्वीट के स्क्रीन सॉर्ट हमें दिए हैं। जिसमें इस एप में पाकिस्तान की भूमिका दर्शायी गयी है। ये ट्वीट कर नेपाल के एक युवक ने जानकारी दी थी।

आपको बता दें कि मुंबई पुलिस की एक अन्य टीम उसे महाराष्ट्र ले जाने के लिए रुद्रपुर पहुंची। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी लड़की ने इसी साल 12वीं की पढ़ाई पूरी की है और फिलहाल पुरात्तव विभाग में जाने की तैयारी कर रही है।  लड़की अपने परिवार में एक बड़ी बहन एक छोटी बहन और एक भाई के साथ दूसरे नंबर की है। जिनका भरण पोषण पिता की कोरोना में मौत के बाद राज्य सरकार की चलाई जा रही वात्सल्य योजना से मिले पैसे से हो रहा है और पिता जी के मील पीएफ से परिवार का खर्चा चला चलता है बड़ी बहन  बी कॉम की फाइनल एयर है और छोटी 10 कक्षा में पढ़ाई करती हैं छोटा भाई कक्षा 8 में हैं। 

आरोपी युवती की बहनो ने बताया कि वह यूपी के बुलंद शहर के निवासी हैं जहां लगभग 15 वर्ष से रुद्रपुर में ही स्थाई निवास करते हैं। इनकी शिक्षा दीक्षा रुद्रपुर से ही हुई है। अभी रुद्रपुर में एक किराए के मकान में रह रहे हैं। जिनके पिता और माता की मृत्यु के बाद 4 बच्चे अनाथ हो गए थे अभी इनके पिता की मृत्यु 5 माह हो चुकी हैं और माता की 11 वर्ष पूर्व ही मृत्यु हो चुकी है। इनके परिवार में कोई कमाने वाला नही है। अब अचानक ये मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। जिसके बाद घर मे सभी बच्चे डिप्रेशन में हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments