घंटों में जाम में रेंगते रहे वाहन, खचाखच भरे हैं गंगा के घाट, कई जगह पपॉलिथीन, प्लास्टिक और गंदगी के लगे हैं ढेर

हरिद्वार (अरुण कश्यप): विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी हरिद्वार में कोरोना की पाबंदियां कम होने के बाद लंबे अंतराल के बाद झुलसती गर्मी, बुद्ध पूर्णिमा, वीकेंड और चारधाम यात्रा के कारण श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शनिवार-रविवार को यहां घंटों लोग जाम के झाम में फंसे रहे। एक किमी के सफर में एक घंटे से अधिक का समय लग रहा था। कई लोग आज तड़के ही गंगा में डुबकी लगाने के बाद रवाना हो गए। इस दौरान हरकी पैड़ी के साथ ही आस-पास के गंगा घाटों पर एक ओर जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों का हुजूम उमड़ पड़ा वहीं इस दौरान चारों ओर गंदगी और अव्यवस्थाओं का आलम भी देखा गया।


बता दें कि आज बुद्ध पुर्णिमा पर हरिद्वार की हर की पौड़ी श्रद्धालुओ से लबालब थी। सुबह तड़के से ही स्नान करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ गंगा घाटों पर दिखाई दी। कोरोना संक्रमण काल के दो साल बाद बुद्ध पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सभी तरह के प्रतिबंध हट जाने के बाद लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए धर्मनगरी पहुंचे हैं।

हालांकि हर की पौड़ी क्षेत्र तक पहुंचने और स्नान करने के लिए यात्रियों को खासा परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। बुद्ध पूर्णिमा स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पुरजोर व्यवस्था की थी, लेकिन कई जगह व्यवस्थाएं धराशाई नजर आई। कहने के लिए तो हर की पैड़ी क्षेत्र में पॉलीथिन और प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक है, लेकिन यहां दर्जनों जगह पॉलीथिन और गंदगी के ढेर नजर आए। बुद्ध पूर्णिमा स्नान का खासा महत्व है।