देहरादून, ब्यूरो। प्रत्याशी घोषित होने से पहले भाजपा कांग्रेस दोनों ही पार्टियों में अजीब घमासान स्थिति देखने को मिल रही है। कोई कांग्रेस ज्वाइन कर रहा है तो कोई भाजपा का दामन थाम रहा है। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर 60 प्लस का फार्मूला अपना रही भाजपा इस बार कई प्रत्याशियों के टिकट काट सकती है। इनमें कई विधायक और वरिष्ठ नेता भी शामिल हो सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के कई विधायकों के 2022 के चुनाव में टिकट कटने की संभावना जतायी जा रही है। उनमें कई ऐसे नाम चर्चाओं में जो अभी विधायक ही हैं। हालांकि, आखिरी समय में मजबूत विकल्प नहीं मिलने पर कुछ सिटिंग विधायकों का टिकट सुरक्षित रह सकता है। आपको बता दें कि आचार संहिता लगने के बाद अब जल्द ही नामांकन की तारीखें भी नजदीक आ रही हैं। ऐसे में जिन विधायकों का टिकट कटने वाला है उनकी धड़कने लगातार बढ़ी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार सिटिंग विधायक…

बद्रीनाथ- महेंद्र भट्ट

थराली- मुन्नी देवी

कर्णप्रयाग- सुरेंद्र सिंह नेगी

रुद्रप्रयाग -भरत चौधरी

द्वाराहाट- महेश नेगी

कपकोट – बलवंत भौर्याल

लालकुंआ – नवीन दुमका

गंगोलीहाट (सु)- मीना गंगोला

प्रतापनगर- विजय सिंह पंवार

टिहरी- धनसिंह नेगी

सहसपुर- सहदेव पुंडीर

राजपुर- खजान दास

धर्मपुर – विनोद चमोली

पौड़ी (सु) – मुकेश कोली

झबरेड़ा (सु)-देशराज कर्णवाल

काशीपुर- हरभजन सिंह चीमा

अल्मोड़ा- रघुनाथ सिंह चौहान

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इसमें शामिल है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी सिटिंग विधायकों का इस बार टिकट कट सकता है। दूसरी ओर कांग्रेस के बात करें तो वहां भी घमासान मचा है कॉन्ग्रेस की कई सीटों पर कई कई उम्मीदवार अपनी दावेदारी प्रत्याशी के लिए कर रहे हैं। अब देखना होगा कि टिकट बैठने के बाद भाजपा कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के बीच कितना भितरघात और बगावत सामने आती है। यह बगावत और भितरघात आने वाले विधानसभा चुनाव पर सीधा सीधा असर डालेगी। फिलहाल बाद भाजपा की सिटिंग विधायकों की करें तो कई ऐसे नाम चर्चाओं में है जिनके टिकट इस बार कटने वाले हैं। इसके पीछे उम्र का कारण हो या फिर विधायक जी की काम लोकप्रियता यह कह पाना मुश्किल है।

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