रुद्रप्रयाग ( नरेश भट्ट) :   रुद्रप्रयाग पहुंचे लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने पशु अधिकारियों को जमकर लताड़ा। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही घोड़े-खच्चरों को दफनाने की जगह उन्हें मंदाकिनी नदी में प्रवाहित करने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले में डीएम को सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

बता दें कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे पर्यटन मंत्री ने जिला सभागार रुद्रप्रयाग में अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की हो रही मौत पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि अब तक केदारनाथ पैदल मार्ग पर 50 से अधिक बेजुबान जानवरों की मौत हो गई है। यह बहुत ही दुखदायी बात है। इसके लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर जानवरों को मरने के लिए छोड़ा जा रहा है। पशु पालन विभाग के कर्मचारी घोड़े-खच्चरों का इलाज तक नहीं कर पा रहे हैं, जबकि घोड़ा-खच्चर मालिक भी उनकी परवाह नहीं कर रहे हैं।  और मरने वाले जानवरों को सीधे मंदाकिनी नदी में फेंका जा रहा है। इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है।

आक्रोश जाहिर करते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि घोड़े-खच्चरों की मौत क्यों हो रही है और इसके लिए कौन दोषी है। इस बात का पता लगाया जाए और उन लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होने कहा कि अगर इसके लिए घोड़ा-खच्चर संचालक दोषी हैं, तो उन पर भी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा सुलभ इंटरनेशनल के खिलाफ भी उन्होंने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। क्योंकि सुलभ की ओर से मरे हुए घोड़े-खच्चरों को दफनाने की प्रक्रिया नहीं की जा रही , बल्की सीधे मंदाकिनी नदी में मृतक जानवरों को प्रवाहित किया जा रहा है। जिससे नदी भी मैली हो रही है और महामारी फैलने की भी आशंका बनी हुई है।