Friday, August 19, 2022
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Homeरंग देवभूमि के'सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार'

‘सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार’

ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति का शाब्दिक अर्थ सूर्य या किसी भी ग्रह का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश या संक्रमण बताया गया है। मकर संक्रांति पर्व भगवान सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने का संधि काल है।

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